अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में अब नई विशेष जांच टीम काम करेगी. सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर उत्तर प्रदेश सरकार ने तीन सदस्यीय SIT का गठन कर दिया है.
सूत्रों के मुताबिक इस SIT की कमान लखनऊ की आईजी किरण एस को सौंपी गई है. टीम के अन्य दो सदस्य अयोध्या रेंज के डीआईजी सोमेन वर्मा और अयोध्या के एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर हैं. आईजी किरण एस 2008 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं. उन्होंने इंटरपोल और सीबीआई में भी काम किया है. उनकी अनुभवी टीम अब इस संवेदनशील मामले की जांच करेगी.
सुप्रीम कोर्ट ने 20 जुलाई को इस मामले की सुनवाई के दौरान कहा था कि यह आपराधिक मामला है, इसलिए जांच आईपीएस अधिकारियों की टीम को सौंपी जाए. कोर्ट के आदेश के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गृह विभाग को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए. इसके बाद गृह विभाग ने नई SIT गठित कर दी.
सरकार ने अभी तक SIT के नाम आधिकारिक रूप से जारी नहीं किए हैं. 27 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करते समय इन नामों की जानकारी दी जाएगी. उसके बाद ही सदस्यों के नाम सार्वजनिक होंगे.
इससे पहले मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में एक SIT बनाई गई थी. उस टीम ने15 जून से अयोध्या में जांच शुरू की थी. 22 जून को टीम ने प्रारंभिक रिपोर्ट गृह विभाग को सौंप दी थी. जांच का दायरा बढ़ने के कारण टीम ने और समय मांगा था. सरकार ने उन्हें 30 जुलाई तक अंतिम रिपोर्ट सौंपने का समय दिया है.
चढ़ावा चोरी का मामला काफी संवेदनशील है क्योंकि यह राम मंदिर से जुड़ा है. भक्तों द्वारा चढ़ाए गए चढ़ावे की चोरी की घटना ने कई सवाल खड़े किए थे. सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद अब इसकी जांच तेजी से होगी. नई SIT के गठन से उम्मीद है कि मामले की सच्चाई जल्द सामने आएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी.
SIT सिर्फ चोरी की जांच ही नहीं करेगी बल्कि मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था में कमियों को भी पहचानेगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न दोहराई जाएं. अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के बाद लाखों श्रद्धालु रोजाना दर्शन करने पहुंच रहे हैं. ऐसे में चढ़ावे की सुरक्षा और मंदिर परिसर की निगरानी को और मजबूत करने की जरूरत है.