लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट में तैनात कॉन्स्टेबल सुनील शुक्ला का मामला गहरता जा रहा है. एक तरफ लखनऊ पुलिस का कहना है कि जांच हो रही हैं, सब कुछ सामान्य है. वहीं कॉन्स्टेबल सुनील शुक्ला ने अपना एक और वीडिसो जारी कर पूरे यूपी पुलिस प्रशासन को चौंका दिया. उन्होंने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. इस वीडियो में उन्होंने दावा किया है कि उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है.
10 मई को जारी वीडियो में कॉन्स्टेबल सुनील शुक्ला ने कहा कि देर रात उनके घर पर पुलिसकर्मियों को भेजा गया. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या उन्हें किसी अपराधी की तरह ट्रीट किया जा रहा है. वीडियो में वह भावुक अंदाज में कहते दिखाई दिए कि उन्हें डराकर चुप नहीं कराया जा सकता. उन्होंने कहा कि अगर उनकी आवाज दबानी है तो उन्हें जान से मारना पड़ेगा. खुद को भगत सिंह की विचारधारा से प्रेरित बताते हुए उन्होंने कहा कि मानसिक रूप से उन्हें कोई नहीं तोड़ सकता.
"मुझे दबाया...तोड़ा नहीं जा सकता..मुझे शांत करने के लिए इन्हें मेरी Hatya करानी पड़ेगी..."
- यूपी पुलिस के सिपाही Sunil Shukla का नया वीडियो नए आरोपों के साथ आया सामने...नोटिस के नाम पर रात 1 बजे 6-7 पुलिस कर्मी पर घर में घुसाने का लगाया आरोप...#UPPolice #IPS #UPNews… pic.twitter.com/qnieq9mCJy— Nedrick News (@nedricknews) May 10, 2026Also Read
इस तीसरे वीडियो में सुनील कह रहे हैं कि, "मुख्यमंत्रीजी, मैं पूछना चाहता हूं कि क्या मैं आतंकवादी हूं या नक्सलवादी हूं? क्या मैं किसी हत्या या अपराध का आरोपी हूं? फिर मेरे घर पर रात 1 बजे पुलिस क्यों भेजी गई?"
सुनील शुक्ला ने अपने वीडियो में दावा किया कि पुलिस लाइन में ड्यूटी लगाने के नाम पर पुलिसकर्मियों से हर महीने अवैध वसूली होती है. उनके अनुसार गार्ड कमांडर के जरिए सिपाहियों और दीवानों से दो-दो हजार रुपये तक लिए जाते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि यह रकम विभाग के कई अधिकारियों तक पहुंचती है. सुनील ने कहा कि पुलिस विभाग में शोषण और भ्रष्टाचार की व्यवस्था जड़ जमा चुकी है. उनका कहना है कि अगर विभाग में पारदर्शी जांच और सुधार लागू हो जाएं, तभी उनकी आवाज शांत होगी. उन्होंने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग भी की.
पुलिस लाइन्स लखनऊ में नियुक्त आरक्षी द्वारा लगाये गये आरोपों के सम्बन्ध में -- @Uppolice pic.twitter.com/MIUrZVwHuo
— LUCKNOW POLICE (@lkopolice) May 10, 2026
लखनऊ पुलिस ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि सिपाही द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह असत्य और भ्रामक हैं. जांच समिति ने सुनील शुक्ला को ईमेल और व्हाट्सएप के माध्यम से नोटिस भेजा था. इसी सिलसिले में पुलिस टीम उनके घर गई थी, ताकि उन्हें जांच में शामिल होने के लिए सूचित किया जा सके.