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India Daily

'योगी जी क्या मैं आतंकवादी हूं?' बगावत पर उतरे यूपी पुलिस के सिपाही का नया वीडियो वायरल; कहा- मैं शेर हूं...

लखनऊ पुलिस लाइन में तैनात कॉन्स्टेबल सुनील शुक्ला ने फिर वीडियो जारी किया है. इस वीडियो में उन्होंने पूछा कि, 'क्या मैं आतंकवादी हूं योगी जी? यह सवाल इसलिए पूछा गया क्योंकि उनका दावा है कि उनके घर पर रात 1 बजे 6-7 सिपाही आए थे.

Ashutosh
Edited By: Ashutosh Rai
'योगी जी क्या मैं आतंकवादी हूं?' बगावत पर उतरे यूपी पुलिस के सिपाही का नया वीडियो वायरल; कहा- मैं शेर हूं...
Courtesy: X

लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट में तैनात कॉन्स्टेबल सुनील शुक्ला का मामला गहरता जा रहा है. एक तरफ लखनऊ पुलिस का कहना है कि जांच हो रही हैं, सब कुछ सामान्य है. वहीं कॉन्स्टेबल सुनील शुक्ला ने अपना एक और वीडिसो जारी कर पूरे यूपी पुलिस प्रशासन को चौंका दिया. उन्होंने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. इस वीडियो में उन्होंने दावा किया है कि उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है.

तीसरे वीडियो में लगाए नए आरोप

10 मई को जारी वीडियो में कॉन्स्टेबल सुनील शुक्ला ने कहा कि देर रात उनके घर पर पुलिसकर्मियों को भेजा गया. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या उन्हें किसी अपराधी की तरह ट्रीट किया जा रहा है. वीडियो में वह भावुक अंदाज में कहते दिखाई दिए कि उन्हें डराकर चुप नहीं कराया जा सकता. उन्होंने कहा कि अगर उनकी आवाज दबानी है तो उन्हें जान से मारना पड़ेगा. खुद को भगत सिंह की विचारधारा से प्रेरित बताते हुए उन्होंने कहा कि मानसिक रूप से उन्हें कोई नहीं तोड़ सकता.

सीएम से पूछे सवाल

इस तीसरे वीडियो में सुनील कह रहे हैं कि, "मुख्यमंत्रीजी, मैं पूछना चाहता हूं कि क्या मैं आतंकवादी हूं या नक्सलवादी हूं? क्या मैं किसी हत्या या अपराध का आरोपी हूं? फिर मेरे घर पर रात 1 बजे पुलिस क्यों भेजी गई?"

भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के गंभीर आरोप

सुनील शुक्ला ने अपने वीडियो में दावा किया कि पुलिस लाइन में ड्यूटी लगाने के नाम पर पुलिसकर्मियों से हर महीने अवैध वसूली होती है. उनके अनुसार गार्ड कमांडर के जरिए सिपाहियों और दीवानों से दो-दो हजार रुपये तक लिए जाते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि यह रकम विभाग के कई अधिकारियों तक पहुंचती है. सुनील ने कहा कि पुलिस विभाग में शोषण और भ्रष्टाचार की व्यवस्था जड़ जमा चुकी है. उनका कहना है कि अगर विभाग में पारदर्शी जांच और सुधार लागू हो जाएं, तभी उनकी आवाज शांत होगी. उन्होंने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग भी की.

पुलिस विभाग ने आरोपों को बताया निराधार

लखनऊ पुलिस ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि सिपाही द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह असत्य और भ्रामक हैं. जांच समिति ने सुनील शुक्ला को ईमेल और व्हाट्सएप के माध्यम से नोटिस भेजा था. इसी सिलसिले में पुलिस टीम उनके घर गई थी, ताकि उन्हें जांच में शामिल होने के लिए सूचित किया जा सके.