बेंगलुरु यात्रा के लिए पीएम मोदी रवाना हो गए थे. उससे सिर्फ कुछ समय पहले दो घटनाओं ने सबको चौंका कर रख दिया. एक व्यक्ति ने सुबह करीब 7:30 बजे एक फोन किया. उसने यह कॉल पुलिस कंट्रोल रूम में लगाया. इसके बाद उसने जो कहा उससे पुलिस तुरंत सतर्क हो गई. कॉल करने वाले ने दावा किया कि प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान HAL एयरपोर्ट और आर्ट ऑफ लिविंग परिसर के पास धमाके किए जाएंगे. पीएम मोदी की यात्रा स्थगित नहीं हुई. उनके आने से सिर्फ आधे घंटे पहले दूसरी घटना घटी. आर्ट ऑफ लिविंग आश्रम के पास, जहां से पीएम का काफिला होकर गुजरता. वहां जिलेटिन की दो छड़ें बरामद हुईं. इससे पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया. मामले को गंभीरता से लेते हुए कई टीमें जांच में जुट गई. इसके बाद पुलिस ने धमकी देने वाले एक संदिग्ध को हिरासत में लिया.
रविवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेंगलुरु पहुंचे थे. उनका कार्यक्रम आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन की 45वीं वर्षगांठ और श्री श्री रविशंकर के 70वें जन्मदिन समारोह में शामिल होने का था. HAL एयरपोर्ट से वे हेलीकॉप्टर के जरिए अस्थायी हेलीपैड पहुंचे और फिर सड़क मार्ग से आश्रम की ओर रवाना हुए. इसी दौरान वडेरहल्ली गेट के पास सुरक्षा जांच कर रही टीम को सड़क से कुछ दूरी पर एक संदिग्ध पैकेट दिखाई दिया. जांच में उसमें जिलेटिन की दो छड़ें मिलीं. इसके बाद इलाके को तुरंत घेर लिया गया और बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया. अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों को भी वहां से तुरंत हटाया.
घटना से पहले सुबह करीब 7:30 बजे पुलिस कंट्रोल रूम में एक कॉल आया था. कॉल करने वाले ने दावा किया कि प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान HAL एयरपोर्ट और आर्ट ऑफ लिविंग परिसर के पास धमाके किए जाएंगे. इस सूचना के बाद सुरक्षा एजेंसियां पहले से अलर्ट थी. पुलिस ने कोरामंगला इलाके से एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया है. शुरुआती पूछताछ में पता चला कि वह पहले भी कई वीवीआईपी दौरों के दौरान झूठी धमकियां दे चुका है.
जिलेटिन मिलने के बाद बेंगलुरु दक्षिण पुलिस ने छह विशेष जांच टीमें गठित की हैं. इन टीमों को यह पता लगाने की जिम्मेदारी दी गई है कि विस्फोटक सामग्री वहां तक कैसे पहुंची. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या हिरासत में लिया गया व्यक्ति ही इस पैकेट को वहां छोड़कर गया था.
जिलेटिन स्टिक्स (Gelatin Sticks) मुख्य रूप से उद्योगों में इस्तेमाल होने वाली सस्ती विस्फोटक छड़ें हैं. इनका उपयोग खनन, सुरंग निर्माण, सड़क निर्माण और चट्टानों को तोड़ने के लिए किया जाता है. इन्हें 'जेलिग्नाइट' या 'जेली' भी कहा जाता है, जिसमें नाइट्रोग्लिसरीन और नाइट्रोसेल्यूलोज जैसे रसायनों का मिश्रण होता है. आपको बता दें कि गलत तरीके से इस्तेमाल या अवैध रूप से रखने पर यह बेहद खतरनाक साबित हो सकती हैं.