लखनऊ: उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के कैबिनेट फेरबदल से पहले, पूर्व BJP सांसद बृज भूषण शरण सिंह की एक सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा का मुख्य विषय बन गई है. अपने सोशल मीडिया हैंडल 'X' पर बृज भूषण शरण सिंह ने एक पोस्ट शेयर किया, जिसमें कहा गया है, 'शोहरत की ऊंचाइयां महज एक पल का दिखावा हैं. जिस डाल पर तुम बैठे हो, वह टूट भी सकती है.' इस पोस्ट को लेकर राजनीतिक गलियारों में इस समय कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं.
माना जा रहा है कि यह पोस्ट योगी सरकार के कैबिनेट विस्तार को लेकर उनकी नाराजगी का संकेत हो सकती है. अफवाहें बताती हैं कि बृज भूषण शरण सिंह अपने बेटे, प्रतीक सिंह के लिए कैबिनेट में जगह पक्की करने की कोशिश कर रहे थे. हालांकि उन्होंने सार्वजनिक रूप से इसकी कभी पुष्टि नहीं की लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस तरह की अटकलें काफी समय से चल रही हैं.
*“शोहरत की बुलंदी भी
— BrijBhushan Sharan Singh (@b_bhushansharan) May 10, 2026
पल भर का तमाशा है
जिस शाख़ (डाल) पे बैठे हो
वो टूट भी सकती है”*
योगी कैबिनेट विस्तार में शामिल किए जाने के लिए जिन आठ नामों पर इस समय चर्चा हो रही है, रिपोर्टों के अनुसार उनमें से किसी भी 'ठाकुर' चेहरे को जगह नहीं दी गई है. जिसके वजह से बृज भूषण की पोस्ट को इसी शिकायत से उपजी प्रतिक्रिया के तौर पर देखा जा रहा है.
इस कैबिनेट विस्तार के लिए BJP कथित तौर पर एक ऐसी रणनीति पर काम कर रही है जिसका उद्देश्य जाति और क्षेत्रीय आधार पर संतुलन बनाना है. कहा जा रहा है कि पार्टी का मुख्य ध्यान ब्राह्मण, जाट, दलित, पासी, वाल्मीकि, लोधी और 'अति पिछड़ी जातियों' से संबंधित नेताओं को प्रतिनिधित्व देने पर है.
सूत्रों के अनुसार योगी सरकार के कैबिनेट विस्तार के दौरान कुल आठ मंत्रियों के शपथ लेने की उम्मीद है. इस समूह में छह नए चेहरे शामिल होंगे, जबकि दो मौजूदा राज्य मंत्रियों को कैबिनेट रैंक पर प्रमोट किया जा सकता है या उन्हें स्वतंत्र प्रभार वाले विभाग सौंपे जा सकते हैं.
इस विस्तार को BJP द्वारा 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले अपने सामाजिक समीकरणों को दुरुस्त करने की दिशा में एक अहम रणनीतिक कदम के तौर पर देखा जा रहा है. वहीं बृज भूषण शरण सिंह की इस पोस्ट को एक राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है.