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Yogi Cabinet Expansion 2026: विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी का मास्टरस्ट्रोक, योगी कैबिनेट में शामिल हुए ये नये चेहरे

योगी कैबिनेट विस्तार में आज छह नए चेहरे मंत्री बन रहे हैं, जबकि दो मौजूदा मंत्रियों को प्रमोशन मिलने वाला है. चलिए जानते हैं कौन बना कैबिनेट मंत्री और किसे मिला स्वतंत्र प्रभार.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
Yogi Cabinet Expansion 2026: विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी का मास्टरस्ट्रोक, योगी कैबिनेट में शामिल हुए ये नये चेहरे
Courtesy: Pinterest

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले योगी आदित्यनाथ सरकार आज बड़ा कैबिनेट विस्तार करने जा रही है. लखनऊ के जनभवन में दोपहर 3:30 बजे शपथ ग्रहण समारोह होगा, जिसमें आठ नेताओं के मंत्री पद की शपथ लेने वाले हैं. इनमें छह नए चेहरे शामिल होंगे, जबकि दो मौजूदा राज्यमंत्रियों को प्रमोशन मिलने वाला है.

सूत्रों के मुताबिक भूपेंद्र चौधरी कैबिनेट मंत्री बनेंगे. वह पश्चिम यूपी के बड़े जाट नेता माने जाते हैं और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं. पार्टी उन्हें जाट वोट बैंक को मजबूत करने के लिए बड़ा दांव मान रही है.

कैबिनेट मंत्री के लिए और किसका नाम आया सामने?

मनोज पांडेय का नाम भी कैबिनेट मंत्री के लिए लगभग तय माना जा रहा है. रायबरेली की ऊंचाहार सीट से विधायक मनोज पांडेय पहले सपा में थे लेकिन बाद में भाजपा में शामिल हो गए. उन्हें ब्राह्मण चेहरे के तौर पर देखा जा रहा है.

किन लोगों को मिला स्वतंत्र प्रभार?

इसके अलावा मौजूदा राज्य मंत्री सोमेंद्र तोमर और अजीत पाल को स्वतंत्र प्रभार दिया जाएगा.

Yogi cabinet expansion
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बाकी कौन चार लोग बनेंगे राज्य मंत्री?

सुरेंद्र दिलेर को भी मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है. वह वाल्मीकि समाज से आते हैं और दलित वोट बैंक में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है.

कैलाश राजपूत लोधी समाज का बड़ा चेहरा माने जाते हैं. भाजपा उन्हें ओबीसी समीकरण मजबूत करने के लिए कैबिनेट में शामिल कर सकती है.

कृष्णा पासवान भी मंत्री पद की रेस में हैं. वह पासी समाज की अहम महिला नेता मानी जाती हैं और भाजपा दलित वोट बैंक को साधने के लिए उन्हें मौका दे सकती है.

हंसराज विश्वकर्मा का नाम भी चर्चा में है. वह वाराणसी से जुड़े हैं और अति पिछड़ा वर्ग का बड़ा चेहरा माने जाते हैं.

बीती शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात कर संभावित मंत्रियों की सूची सौंपी थी. इस विस्तार को 2027 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है.