menu-icon
India Daily

अमेठी के लोकप्रिय नेता दादा तेजभान सिंह का 83 वर्ष की उम्र में निधन, स्मृति ईरानी समेत कई नेताओं ने जताया शोक

उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में भाजपा के वरिष्ठ नेता और चार बार विधायक रहे दादा तेजभान सिंह का शनिवार को 83 वर्ष की उम्र में लखनऊ के मैक्स अस्पताल में निधन हो गया.

Shilpa Shrivastava
अमेठी के लोकप्रिय नेता दादा तेजभान सिंह का 83 वर्ष की उम्र में निधन, स्मृति ईरानी समेत कई नेताओं ने जताया शोक
Courtesy: X (@WeUttarPradesh)

अमेठी: उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में भाजपा के वरिष्ठ नेता और चार बार विधायक रहे दादा तेजभान सिंह का शनिवार को 83 वर्ष की उम्र में लखनऊ के मैक्स अस्पताल में निधन हो गया. वे काफी समय से बीमार थे. उनके निधन की खबर सुनकर अमेठी समेत पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई.

कौन थे दादा तेजभान सिंह?

दादा तेजभान सिंह अमेठी की गौरीगंज विधानसभा क्षेत्र से चार बार विधायक रह चुके थे. उन्होंने अपनी राजनीतिक यात्रा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक के रूप में शुरू की. आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने के कारण उन्हें आठ महीने जेल भी जाना पड़ा. इसी कारण उन्हें लोकतंत्र सेनानी के रूप में सम्मान मिला.

वे 1977 में जनता पार्टी के टिकट पर पहली बार विधायक बने. इसके बाद 1991, 1993 और 1996 में भाजपा के टिकट पर लगातार तीन बार चुनाव जीते. अमेठी में भाजपा संगठन को मजबूत करने में उनका बड़ा योगदान था. पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के वे करीबी नेता थे.

जनता का मिला स्नेह:

दादा तेजभान सिंह सादगी, स्पष्टवादिता और निर्भीक व्यक्तित्व के लिए जाने जाते थे. वे क्षेत्र की जनता की समस्याओं को मुखरता से उठाते थे. लोग उन्हें प्यार से “दादा” कहकर बुलाते थे. वे आजीवन अविवाहित रहे और पूरी जिंदगी जनसेवा को समर्पित कर दी.

स्मृति ईरानी का शोक: 

पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने उनके निधन पर गहरा दुख जताया. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि 2014 में अमेठी से चुनाव लड़ते समय दादा तेजभान सिंह हर कदम पर अभिभावक की तरह साथ खड़े रहे. उनका स्नेह और मार्गदर्शन हमेशा याद रहेगा. अमेठी ने एक समर्पित नेता खो दिया है.

पक्ष और विपक्ष के कई नेताओं ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया. अमेठी की जनता उनके निधन को अपूरणीय क्षति मान रही है. दादा तेजभान सिंह का निधन उत्तर प्रदेश की राजनीति और अमेठी की जनता के लिए बड़ा नुकसान है. उनकी यादें हमेशा अमेठी की धरती पर बनी रहेंगी.