अलीगढ़: अलीगढ़ मंडल के चारों जिलों में ट्रैफिक जाम से निजात मिलने वाली है. लोक निर्माण विभाग 703 करोड़ रुपये की लागत से छह नए बाईपास बनाने जा रहा है. इन बाईपासों के बनने से इगलास, हाथरस, एटा और कासगंज शहरों में भारी वाहनों की आवाजाही शहर के बीच से हट जाएगी और आम लोगों को जाम से राहत मिलेगी.
इगलास बाईपास (अलीगढ़):- अलीगढ़-मथुरा स्टेट हाईवे-80 पर इगलास आबादी के बाहर 8 किलोमीटर लंबा चार लेन बाईपास बनाया जाएगा. इसकी अनुमानित लागत 152 करोड़ रुपये है. धार्मिक यात्रियों की भारी भीड़ वाले इस रास्ते पर अक्सर जाम लगता है. नया बाईपास बनने से इगलास शहर को राहत मिलेगी.
हाथरस बाईपास:- हाथरस में 12 किलोमीटर लंबा बाईपास 200 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा. यह आगरा रोड के नगला भुस (चंदपा) से शुरू होकर हाथरस-जलेसर रोड और अन्य मार्गों को पार करते हुए नए मथुरा-बरेली हाईवे से जुड़ेगा. इससे कासगंज और बरेली की ओर जाने वाले ट्रक-बस जैसे भारी वाहन शहर के अंदर नहीं घुसेंगे.
एटा और कासगंज:- एटा में तीन और कासगंज में एक बाईपास प्रस्तावित है. कुल मिलाकर इन छह बाईपास पर 703 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.
अलीगढ़ मंडल की वर्ष 2026-27 के लिए 5184 करोड़ रुपये की कुल कार्ययोजना बनाई गई है. इसमें सड़क चौड़ीकरण, पुल-पुलियों के निर्माण और इन बाईपासों का काम शामिल है. सभी प्रस्ताव मुख्यालय भेज दिए गए हैं और मंजूरी का इंतजार है.
अलीगढ़-मथुरा हाईवे को भी 7 मीटर से बढ़ाकर 10 मीटर चौड़ा किया जा रहा है. यह मार्ग राजस्थान जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. बाईपास बनने से स्थानीय लोगों को रोजमर्रा की जाम की समस्या से छुटकारा मिलेगा और दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी.
शहरों के अंदर ट्रैफिक जाम कम होगा
भारी वाहनों की आवाजाही शहर से बाहर रहेगी
स्थानीय लोगों को सड़क पार करने में आसानी होगी
यात्रा का समय बचेगा और प्रदूषण भी कम होगा
प्रशासन का कहना है कि इन बाईपासों के निर्माण से मंडल के विकास को नई गति मिलेगी. खासकर व्यापार, परिवहन और पर्यटन को फायदा पहुंचेगा. लोग इन परियोजनाओं को जल्द शुरू किए जाने की मांग कर रहे हैं.