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'शादी कभी होने वाली नहीं थी...' केतन अग्रवाल हत्याकांड में आया नया मोड़, वायरल हुई सिया की चैट

पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल की कथित हत्या के मामले में सिया गोयल और चेतन चौधरी न्यायिक हिरासत में हैं. इसी बीच सोशल मीडिया पर वायरल हुई कथित स्नैपचैट चैट ने मामले को लेकर नई चर्चा और जांच को तेज कर दिया है.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
'शादी कभी होने वाली नहीं थी...' केतन अग्रवाल हत्याकांड में आया नया मोड़, वायरल हुई सिया की चैट
Courtesy: X (@HateDetectors)

पुणे में रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की कथित हत्या से जुड़े मामले में एक नया मोड़ सामने आया है. मुख्य आरोपी सिया गोयल को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के कुछ ही दिनों बाद, सोशल मीडिया पर एक स्क्रीनशॉट वायरल हो रहा है. इस स्क्रीनशॉट को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं. हालांकि इसकी प्रामाणिकता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और जांच एजेंसियां मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं.

वायरल चैट से बढ़ी चर्चा

सोशल मीडिया पर प्रसारित स्क्रीनशॉट में कथित तौर पर सिया गोयल एक दोस्त से आधार कार्ड के आगे और पीछे की तस्वीरें भेजने की बात कर रही है. मैसेज में कथित तौर पर लिखा हुआ है कि, 'आधार कार्ड के आगे और पीछे की तस्वीरें भेज दें। शादी के टिकट बुक करने के लिए जो होने वाली नहीं है, फिर भी भेज दें.' 

जवाब में दोस्त के आधार कार्ड की तस्वीरें पहले ही व्हाट्सएप पर भेजे जाने की बात कही गई है. इस चैट की आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है.

अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेजा 

शुक्रवार को पुणे की अदालत ने 20 साल की सिया गोयल और 22 साल के चेतन चौधरी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया. दोनों पर 18 जून को लोहागढ़ किले के पास 25 साल के कारोबारी केतन अग्रवाल की कथित हत्या का आरोप है. जांच के अनुसार केतन और सिया की शादी नवंबर में होने वाली थी.

पुलिस ने बढ़ी हिरासत की मांग की

सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पुलिस हिरासत बढ़ाने की मांग की. उसका कहना था कि आरोपियों के मोबाइल फोन से कथित सांकेतिक भाषा वाली चैट मिली है, जिसके आधार पर आगे पूछताछ जरूरी है. हालांकि अदालत ने यह अनुरोध स्वीकार नहीं किया और दोनों आरोपियों को 16 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया.

जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा

जांच एजेंसियां अब मोबाइल फोन, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की विस्तृत जांच कर रही हैं. वायरल चैट सहित सभी डिजिटल सामग्री की सत्यता भी जांच का हिस्सा है. अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े हर तथ्य की कानूनी प्रक्रिया के तहत पुष्टि की जाएगी और जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी.