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वाराणसी में 30 साल बाद VDA ला रहा है 'आनंद काशी योजना', जानें कब से शुरू होगा प्लॉटों का रजिस्ट्रेशन

वाराणसी विकास प्राधिकरण 30 साल बाद अपनी पहली इंटीग्रेटेड गेटेड सिटी 'आनंद काशी योजना' शुरू करने जा रहा है. चलिए जानते हैं कब से शुरू होगा रजिस्ट्रेशन.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
वाराणसी में 30 साल बाद VDA ला रहा है 'आनंद काशी योजना', जानें कब से शुरू होगा प्लॉटों का रजिस्ट्रेशन
Courtesy: Pinterest (Representative image)

वाराणसी: वाराणसी विकास प्राधिकरण 30 वर्षों बाद अपनी पहली इंटीग्रेटेड गेटेड सिटी परियोजना 'आनंद काशी योजना' शुरू करने जा रहा है. काशी की सांस्कृतिक और वैदिक विरासत की थीम पर विकसित होने वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य लोगों को आधुनिक सुविधाओं के साथ सुरक्षित और सुव्यवस्थित आवासीय वातावरण उपलब्ध कराना है. प्राधिकरण अगस्त महीने से योजना के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में जुटा है.

वीडीए के उपाध्यक्ष पुलकित खरे के अनुसार, आनंद काशी योजना को वास्तु सिद्धांतों के अनुरूप विकसित किया जाएगा. पूरी टाउनशिप को बाउंड्री वॉल से सुरक्षित किया जाएगा और नियंत्रित प्रवेश तथा निकास की व्यवस्था रहेगी. पहले चरण में लगभग 150 एकड़ क्षेत्र में विकास कार्य किया जाएगा, जहां 2,000 से अधिक आवासीय भूखंड विकसित किए जाएंगे. इन प्लॉटों का आकार करीब 128 वर्गमीटर से 300 वर्गमीटर तक होगा, जिससे अलग अलग जरूरत वाले परिवारों को विकल्प मिल सकेगा.

क्या-क्या मिलेंगी सुविधाएं?

योजना के तहत आधुनिक आधारभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. पूरे क्षेत्र में 24, 18, 12 और 9 मीटर चौड़ी सड़कों का सुव्यवस्थित नेटवर्क तैयार किया जाएगा. इसके अलावा जलापूर्ति, सीवरेज, बिजली, वर्षा जल निकासी, स्ट्रीट लाइट, हरित क्षेत्र और अन्य जरूरी नागरिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी. परियोजना से जुड़ी निविदा और निर्माण प्रक्रिया विभिन्न चरणों में जारी है.

क्या है आनंद काशी योजना की खासियत?

आनंद काशी योजना की सबसे बड़ी खासियत इसका हरित विकास मॉडल होगा. कुल क्षेत्रफल का कम से कम 15 प्रतिशत हिस्सा हरित क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसका क्षेत्रफल करीब 9 हेक्टेयर होगा. इससे लोगों को बेहतर पर्यावरण और खुला वातावरण मिलेगा. वहीं 24 मीटर चौड़ी मुख्य सड़क के किनारे व्यावसायिक भूखंड विकसित किए जाएंगे, जिससे भविष्य में यह क्षेत्र व्यापारिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन सकेगा.

परियोजना में ग्रुप हाउसिंग, होटल, अस्पताल और स्कूलों के लिए भी अलग से भूखंड आरक्षित किए गए हैं. इससे लोगों को एक ही परिसर में रहने, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी. वाराणसी विकास प्राधिकरण का कहना है कि यह योजना आधुनिक शहरी विकास और काशी की सांस्कृतिक पहचान का अनूठा संगम होगी.

क्या है प्लानिंग?

वीडीए के अनुसार परियोजना के लिए अधिकांश भूमि का अधिग्रहण भूमि पूलिंग और प्रत्यक्ष खरीद के माध्यम से पूरा किया जा चुका है. फिलहाल रेरा पंजीकरण की प्रक्रिया जारी है. प्राधिकरण का लक्ष्य दिसंबर तक प्रमुख आधारभूत विकास कार्य पूरे करना है. योजना के तहत विभिन्न आय वर्गों के लोगों को किफायती दरों पर भूखंड उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है.