वाराणसी: वाराणसी के करखियांव क्षेत्र में शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब सीएनजी पेट्रोल पंप के पास स्थित एक प्लास्टिक पाइप के गोदाम में भीषण आग लग गई. आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरे इलाके में धुएं और आग की लपटों का गुबार दिखाई देने लगा. घटना के बाद आसपास के लोगों में दहशत फैल गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए.
यह घटना फूलपुर थाना क्षेत्र के करखियांव एग्रो पार्क में हुई. जानकारी के अनुसार सीएनजी गैस पंप के बगल में स्थित प्लास्टिक पाइप के बड़े गोदाम में अचानक आग लग गई. गोदाम में बड़ी मात्रा में प्लास्टिक पाइप का स्टॉक रखा हुआ था. स्थानीय लोगों के मुताबिक वहां करीब 50 से 60 ट्रक प्लास्टिक पाइप मौजूद थे. प्लास्टिक सामग्री होने के कारण आग ने कुछ ही समय में विकराल रूप ले लिया.
CNG पंप जलकर राख़ 🔥
— ArYA Pandey 🇮🇳 (@Arya909050) June 20, 2026
वाराणसी स्थित CNG पंप पर लगी भीषण आग
हादसा या बहुत बड़ी साज़िश ? क्या कहते हो ? pic.twitter.com/dSmZbKclUM
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं. दमकल कर्मियों ने तुरंत आग बुझाने का अभियान शुरू किया. आग को सीएनजी पंप और आसपास के अन्य क्षेत्रों तक फैलने से रोकने के लिए विशेष सावधानी बरती गई. फायर ब्रिगेड की टीम लगातार पानी की बौछार कर आग पर काबू पाने का प्रयास कर रही थी.
स्थानीय निवासी अश्वनी सिंह ने बताया कि आग अचानक गोदाम में भड़की और कुछ ही मिनटों में पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया. आग की ऊंची लपटों और घने धुएं को देखकर आसपास के लोग घबरा गए. कई लोगों ने तुरंत प्रशासन और दमकल विभाग को सूचना दी.
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है. हालांकि प्रशासन ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. अधिकारियों का कहना है कि आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाने के बाद विस्तृत जांच कराई जाएगी और उसी के आधार पर कारण स्पष्ट होगा.
घटना के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई. बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल के आसपास जमा हो गए थे, जिन्हें पुलिस ने सुरक्षित दूरी पर भेजा. अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है.
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आसपास के क्षेत्र की बिजली आपूर्ति भी तत्काल बंद कर दी गई. प्रशासन का मानना है कि इससे किसी अतिरिक्त दुर्घटना की संभावना को कम किया जा सकेगा. राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है.