अयोध्या: जनपद अयोध्या में आयोजित एक कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आत्म-अनुशासन, सुरक्षा और मानवीय मूल्यों के महत्व पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि समाज और राष्ट्र की मजबूती केवल बाहरी व्यवस्थाओं से नहीं, बल्कि लोगों के भीतर मौजूद अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना से तय होती है. मुख्यमंत्री ने जैन परंपरा के संदेशों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन शिक्षाओं में पूरी मानवता के कल्याण का मार्ग छिपा है. उन्होंने इसे वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 'जीओ और जीने दो' का संदेश वही लोग प्रभावी ढंग से दे सकते हैं जो स्वयं सुरक्षित और अनुशासित हों. उनके अनुसार आत्म-अनुशासन व्यक्ति को सही दिशा देता है और समाज में सकारात्मक वातावरण बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. उन्होंने कहा कि जो शक्तियां अनियंत्रित और नकारात्मक होती हैं, वे कभी भी अनुशासन का पालन नहीं कर सकतीं.
#WATCH | Ayodhya: Uttar Pradesh CM Yogi Adityanath says, "...Remember, only those who are secure can give the mantra of live and let live. Only those who are bound by self-discipline can give it. Negative forces, unruly forces, cannot remain self-disciplined. And how can one who… pic.twitter.com/YVdl53h4wK
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) June 19, 2026Also Read
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिस व्यक्ति में आत्म-नियंत्रण और अनुशासन का अभाव हो, वह दूसरों का मार्गदर्शन नहीं कर सकता. उन्होंने कहा कि नेतृत्व केवल अधिकार का विषय नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और आचरण का भी प्रश्न है. समाज को आगे बढ़ाने के लिए व्यक्तिगत जीवन में अनुशासन और संतुलन जरूरी है.
मुख्यमंत्री ने जैन तीर्थंकरों की आध्यात्मिक साधना और उनके संदेशों को मानवता के लिए प्रेरणास्रोत बताया. उन्होंने कहा कि जैन परंपरा ने हमेशा अहिंसा, संयम और कल्याण का मार्ग दिखाया है. यदि दुनिया इन मूल्यों को अपनाए तो मानवता और सभी जीवों के हित में एक बेहतर भविष्य का निर्माण किया जा सकता है.