समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव के हालिया बयान को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है. बीजेपी ने उनके बयान को भगवान श्रीराम और राम मंदिर से जोड़ते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है, जबकि सपा का कहना है कि अखिलेश के बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है. हाल के दिनों में राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे और कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने सवाल उठाए थे. उन्होंने पारदर्शिता की मांग करते हुए कहा था कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े मामलों में पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए. उनके इन बयानों को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ गया.
बीजेपी नेताओं ने अखिलेश यादव के बयान को लेकर उन पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह भगवान श्रीराम और राम मंदिर की आस्था को राजनीति का विषय बना रहे हैं. पार्टी ने इसे करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं से जुड़ा मुद्दा बताते हुए सपा पर हमला बोला.
समाजवादी पार्टी ने बीजेपी के आरोपों को खारिज किया है. पार्टी का कहना है कि अखिलेश यादव ने केवल राम मंदिर से जुड़े कथित वित्तीय मामलों में पारदर्शिता की मांग की है और उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है.
राम मंदिर और धार्मिक मुद्दों को लेकर बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच बयानबाज़ी लगातार तेज हो रही है. आगामी चुनावों के मद्देनज़र यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बनता दिख रहा है. दोनों दल एक-दूसरे पर जनता को गुमराह करने और धार्मिक भावनाओं का राजनीतिक इस्तेमाल करने के आरोप लगा रहे हैं.