गाजियाबाद: गाजियाबाद के ट्रॉनिका सिटी इलाके में फैक्ट्री सुपरवाइजर की हत्या ने कर्मचारियों के विवाद को खौफनाक अंजाम तक पहुंचा दिया. पुलिस के मुताबिक, कुनाल इंटरप्राइजेज में काम करने वाले सर्वेश दर्जी ने कपड़ा काटने वाली कैंची से अनवेश कुमार सक्सेना पर हमला किया. आरोपी गिरफ्तार है और उसकी निशानदेही पर हथियार बरामद हुआ है. पूछताछ में युवती को लेकर खुन्नस और कथित अपमान को हत्या की वजह बताया गया है. पुलिस मामले के बाकी पहलुओं की जांच कर रही है.
पुलिस के अनुसार, सर्वेश करीब चार साल से फैक्ट्री में सिलाई कारीगर के रूप में काम कर रहा था. अनवेश वहां सुपरवाइजर थे. दिसंबर 2025 में एक युवती सफाई के काम से फैक्ट्री आई थी. सर्वेश उससे दोस्ती करना चाहता था. उसका आरोप है कि युवती जब उसके पास आती, तो अनवेश उसे वहां से हटा देते थे. इसी बात को लेकर सर्वेश के मन में नाराजगी बढ़ती गई.
पूछताछ में सर्वेश ने कथित तौर पर बताया कि अनवेश उसे युवती के सामने अपमानित करते थे. वह यह भी मानता था कि अनवेश फैक्ट्री मालिक के करीबी थे. इन घटनाओं के बाद उसके मन में बदला लेने की भावना मजबूत होती गई. पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने करीब आठ महीने तक इस नाराजगी को दबाए रखा और मौका मिलते ही अनवेश को रास्ते से हटाने की योजना बनाई.
10 अगस्त को दोपहर करीब तीन बजे सर्वेश प्रथम तल के कटिंग सेक्शन में पहुंचा. वहां अनवेश अकेले लेटे हुए थे. पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने कपड़ा काटने के लिए रखी कैंची उठाई और अनवेश के सिर तथा गले पर कई वार कर दिए. हमले में अनवेश गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी मौत हो गई. वारदात के दौरान सर्वेश की उंगली भी कट गई.
हत्या के बाद सर्वेश कैंची लेकर फैक्ट्री से बाहर निकल गया. पुलिस के अनुसार, उसने भगत सिंह चौक से गेट नंबर दो की ओर जाने वाले रास्ते में झाड़ियों के बीच हथियार छिपा दिया और फरार हो गया. सूचना मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की. मैनुअल इनपुट और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपी को हनुमान चौक के पास से गिरफ्तार किया गया.
मृतक के भाई की शिकायत पर 10 अगस्त को ट्रॉनिका सिटी थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया. एसीपी लोनी राम किशन राना के मुताबिक, पुलिस टीम ने कम समय में आरोपी को गिरफ्तार कर हथियार बरामद किया. अनवेश संभल के मूल निवासी थे और बेहटा हाजीपुर में परिवार के साथ रहते थे. वह शादीशुदा थे और उनके तीन छोटे बच्चे हैं. परिवार ने कड़ी सजा और बच्चों के भविष्य के लिए मदद की मांग की है.