उत्तर प्रदेश के कई जिलों में इन दिनों मौसम का मिजाज परेशान करने वाला बना हुआ है. आसमान में बादलों की आवाजाही लगातार हो रही है, लेकिन बारिश नहीं होने से लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है. बीते दिनों बादल तो खूब छाए, लेकिन बारिश नहीं हुई. इसके चलते वातावरण में नमी बनी रही और दिन के समय लोगों को पसीने वाली गर्मी ने बेहाल कर दिया.
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अभी बारिश के लिए जरूरी परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल नहीं हैं. नमी का स्तर अधिकतम 89 और न्यूनतम 65 प्रतिशत तक दर्ज किया गया. अधिक नमी के कारण उमस बढ़ गई और लोगों को वास्तविक तापमान से ज्यादा गर्मी महसूस हुई.
प्रदेश में कम दबाव का क्षेत्र नहीं बनने के कारण बारिश का सिलसिला कमजोर पड़ा हुआ है. मानसून की ट्रफ लाइन भी सामान्य स्थिति से काफी नीचे बनी हुई है. उत्तर-पूर्वी हवाएं चलने और हवा की गति सामान्य रहने के बावजूद लोगों को उमस से राहत नहीं मिल पा रही है.
मौसम विभाग की ओर से अभी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं जताई गई है. हीट इंडेक्स 60 के पार पहुंचने की आशंका भी जताई गई है. मंगलवार को अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जबकि रात का तापमान 27 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया.
प्रदेश के कुछ इलाकों में मंगलवार को मौसम ने जरूर करवट ली. बागपत के बालैनी क्षेत्र में सुबह के समय मूसलाधार बारिश हुई. वहीं बड़ौत और खेकड़ा में दोपहर तक रुक-रुककर बूंदाबांदी होती रही. लगातार दो दिनों से हो रही बारिश के कारण बागपत में अधिकतम तापमान में करीब तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट भी दर्ज की गई.
मौसम विभाग के मुताबिक आज बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बन सकता है. अगर सिस्टम मजबूत होगा तो इसका असर प्रदेश के मौसम पर भी पड़ सकता है. इसी वजह से 13 अगस्त से लेकर 17 अगस्त के बीच आईएमडी ने राज्य में बारिश की संभावना जताई है.