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'प्रयागराज चलो... वहीं पैसे देंगे...', 2 करोड़ के चक्कर में शख्स ने रची खुद के अपहरण की साजिश; पुलिस भी रह गई हैरान

औरैया में एक व्यक्ति ने अपने अपहरण की झूठी कहानी गढ़कर पुलिस को सूचना दी. पुलिस को अपहरण का कोई सबूत नहीं मिला और मामला पूरी तरह फर्जी निकला. चलिए जानते हैं जांच में क्या आया सामने.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
'प्रयागराज चलो... वहीं पैसे देंगे...', 2 करोड़ के चक्कर में शख्स ने रची खुद के अपहरण की साजिश; पुलिस भी रह गई हैरान
Courtesy: Pinterest

औरैया: उत्तर प्रदेश के औरैया जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां अपहरण की सूचना मिलने के बाद पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई. शुरुआती जानकारी में मामला गंभीर दिखाई दे रहा था लेकिन जांच आगे बढ़ने पर जो सच्चाई सामने आई उसने पुलिस अधिकारियों को भी चौंका दिया. पुलिस के अनुसार यह अपहरण का मामला नहीं था, बल्कि करोड़ों रुपये के लेनदेन से जुड़ा विवाद था.

जानकारी के अनुसार 19 जून 2026 की सुबह करीब 10 बजे चिचौली अस्पताल में तैनात एक गार्ड ने पुलिस को सूचना दी कि शक्तिघोष नाम के व्यक्ति का अपहरण कर लिया गया है. सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी. अपहरण की सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की और संबंधित व्यक्तियों की गतिविधियों की जांच की.

जांच के दौरान क्या आया सामने?

जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से जुड़े तथ्यों को खंगाला और कई लोगों के बयान दर्ज किए. धीरे-धीरे पुलिस को कहानी में कई विरोधाभास नजर आने लगे. इसके बाद जांच को और गहराई से आगे बढ़ाया गया. पुलिस को ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं मिला जिससे अपहरण की पुष्टि हो सके.

पुलिस जांच में सामने आया कि शक्तिघोष ने मथुरा निवासी बृज प्रसाद से करीब दो करोड़ रुपये लिए थे. जब बृज प्रसाद ने अपनी रकम वापस मांगी तो शक्तिघोष ने उसे भरोसा दिलाया कि प्रयागराज पहुंचकर पूरी रकम लौटा दी जाएगी. इसके बाद दोनों एक ही वाहन से मथुरा से प्रयागराज के लिए रवाना हुए.

क्या था पूरा मामला?

यात्रा के दौरान उनकी गाड़ी औरैया के पास खराब हो गई. इस कारण उन्हें कुछ समय के लिए एक परिचित के यहां रुकना पड़ा. पुलिस के अनुसार इसी दौरान शक्तिघोष ने कथित तौर पर एक नई योजना बनाई. जांच में यह बात सामने आई कि वह पैसे लौटाने की स्थिति में नहीं था और इसी वजह से उसने अपने अपहरण की फर्जी कहानी तैयार कर ली.

पुलिस ने क्या बताया?

पुलिस का कहना है कि इस झूठी कहानी का उद्देश्य सामने वाले व्यक्ति को परेशान करना और मामले को दूसरी दिशा में मोड़ना था. हालांकि पुलिस ने बिना किसी जल्दबाजी के सभी पहलुओं की जांच की और तथ्यों को परखा. जांच के बाद यह स्पष्ट हो गया कि कोई अपहरण नहीं हुआ था.

क्षेत्राधिकारी पुनीत मिश्रा ने बताया कि मामले में अपहरण जैसी कोई घटना नहीं हुई. पुलिस को किडनैपिंग से जुड़ा कोई प्रमाण नहीं मिला. फिलहाल सभी संबंधित पक्षों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई तथ्यों के आधार पर की जाएगी.