लखनऊ और आस-पास के इलाकों में सफर करने वाले वाहन चालकों को अब पहले से ज्यादा टोल शुल्क देना होगा. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के निर्देश पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने कई एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्गों की टोल दरों में संशोधन किया है. नई दरें लागू होने के साथ लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे और नवाबगंज टोल प्लाजा पर भी शुल्क बढ़ गया है. इससे नियमित यात्रियों और व्यावसायिक वाहनों की यात्रा लागत में बढ़ोतरी होगी.
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने संशोधित टोल दरों को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है. लखनऊ में इसका असर मुख्य रूप से नवाबगंज टोल प्लाजा और लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे पर देखने को मिलेगा. इन दोनों मार्गों का संचालन एनएचएआई की ओर से किया जाता है. नई दरों के बाद वाहन चालकों को पहले की तुलना में ज्यादा भुगतान करना होगा.
परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा के अनुसार एक्सप्रेसवे के संचालन से पहले चार पहिया वाहनों के लिए टोल 275 रुपये तय किया गया था. संचालन शुरू होने से कुछ दिन पहले इसे बढ़ाकर 285 रुपये किया गया. अब संशोधित दरों के तहत चार पहिया वाहनों से 290 रुपये टोल लिया जाएगा. नई दरें लागू होने के साथ यह बदलाव प्रभावी हो गया है.
शहर के सभी टोल प्लाजा इस संशोधन के दायरे में नहीं आए हैं. सीतापुर रोड स्थित मामपुर इंटौजा और रायबरेली रोड स्थित दखिना शेखपुर टोल प्लाजा का संचालन निजी कंपनियां करती हैं. फिलहाल इन दोनों स्थानों पर पहले से लागू व्यवस्था जारी रहेगी. एनएचएआई की नई दरें केवल उसके संचालन वाले टोल प्लाजा पर लागू हुई हैं.
नई टोल दरों का सबसे अधिक असर उन लोगों पर पड़ेगा जो रोजाना एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्गों का उपयोग करते हैं. नियमित यात्रा करने वाले निजी वाहन चालकों और व्यावसायिक परिवहन से जुड़े लोगों की लागत बढ़ सकती है. हालांकि सरकार का कहना है कि बेहतर सड़क रखरखाव, संचालन और सुविधाओं को बनाए रखने के लिए समय समय पर टोल दरों की समीक्षा की जाती है.