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सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला! 10 हजार से ज्यादा पेड़ काटने की मंजूरी, आगरा-मथुरा की ये मेगा परियोजनाएं भरेंगी रफ्तार

सुप्रीम कोर्ट ने ताज ट्रेपेजियम जोन में 10,117 पेड़ काटने और 512 पेड़ों को स्थानांतरित करने की सशर्त अनुमति दे दी है. इससे आगरा और मथुरा की कई सड़क, रेल और एयरपोर्ट परियोजनाओं का रास्ता साफ हो गया है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला! 10 हजार से ज्यादा पेड़ काटने की मंजूरी, आगरा-मथुरा की ये मेगा परियोजनाएं भरेंगी रफ्तार
Courtesy: ai generated

ब्रज क्षेत्र की कई अहम विकास परियोजनाओं को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. अदालत ने ताज ट्रेपेजियम जोन में निर्धारित शर्तों के साथ पेड़ों की कटाई और ट्रांसलोकेशन की मंजूरी दी है. इसके बाद आगरा और मथुरा की कई लंबे समय से रुकी परियोजनाओं में तेजी आने की उम्मीद है.

सड़क और रेल परियोजनाओं को मिली रफ्तार

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आगरा और मथुरा में कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की बाधाएं दूर हो गई हैं. अब जलेसर रोड को फोर लेन बनाने, आगरा-ग्वालियर एक्सेस कंट्रोल्ड सिक्स लेन हाईवे, खंदौली हाईवे और आगरा फोर्ट-बांदीकुई रेलवे ट्रैक परियोजना पर काम तेज हो सकेगा. इसके अलावा मथुरा में कोसी-नंदगांव-बरसाना-गोवर्धन रोड और सोंख-मथुरा-राया रोड के चौड़ीकरण का रास्ता भी साफ हो गया है.

पेड़ों की कटाई पर सख्त शर्तें लागू

सुप्रीम कोर्ट ने अनुमति देते समय पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी है. अदालत ने स्पष्ट किया है कि सभी संबंधित विभागों को सेंट्रल इम्पावर्ड कमेटी की सिफारिशों का पालन करना होगा. हर एक पेड़ की कटाई के बदले 10 नए पौधे लगाए जाएंगे और उनकी पांच वर्षों तक देखभाल भी सुनिश्चित करनी होगी. इसके साथ ही पौधारोपण वाले क्षेत्रों को संरक्षित वन क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा.

कुछ परियोजनाओं पर अभी रिपोर्ट बाकी

अदालत ने सभी प्रस्तावों को तुरंत मंजूरी नहीं दी है. आगरा में रेल ओवरब्रिज और रोड अंडरब्रिज निर्माण सहित मथुरा की कुछ सड़क परियोजनाओं पर अंतिम निर्णय से पहले सीईसी से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है. इनमें गोकुल-ब्रह्मांड घाट सड़क चौड़ीकरण, वृंदावन के पागल बाबा मंदिर तक सर्विस रोड और कोसी-गोवर्धन-सोंख-फरह मार्ग से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं. रिपोर्ट मिलने के बाद इन पर आगे फैसला लिया जाएगा.