उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद और स्वतंत्रता सेनानी लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की जयंती पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर दोनों महान विभूतियों को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन, त्याग और राष्ट्र के प्रति समर्पण आज भी हर भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत है. मुख्यमंत्री ने उनके विचारों को देशहित और कर्तव्यबोध का मजबूत संदेश बताया.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में चंद्रशेखर आजाद के प्रसिद्ध उद्घोष 'दुश्मन की गोलियों का हम सामना करेंगे, आजाद ही रहे हैं, आजाद ही रहेंगे' को याद किया. उन्होंने कहा कि आजाद का साहस, बलिदान और राष्ट्रभक्ति देशवासियों को हमेशा कर्तव्यपथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहेगा.
‘दुश्मन की गोलियों का हम सामना करेंगे, आजाद ही रहे हैं, आजाद ही रहेंगे’ के उद्घोषक, महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि।
उनका जीवन हम सभी को राष्ट्रहित में कर्तव्यपथ पर अग्रसर रहने की सदैव प्रेरणा प्रदान करता रहेगा। pic.twitter.com/qflCUodBga
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) July 23, 2026
मुख्यमंत्री ने लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक को भी विनम्र श्रद्धांजलि देते हुए उनके योगदान को याद किया. उन्होंने कहा कि तिलक ने अपने ओजस्वी विचारों और नेतृत्व से देशवासियों में स्वाभिमान और पूर्ण स्वराज की भावना को मजबूत किया. उनका संघर्ष भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का महत्वपूर्ण अध्याय रहा है.
महान स्वतंत्रता सेनानी 'लोकमान्य' बाल गंगाधर तिलक की जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि।
अपने ओजस्वी विचारों से उन्होंने जन-जन के मन में स्वाभिमान और पूर्ण स्वराज की भावना को सुदृढ़ किया।
उनका त्याग, संघर्ष व राष्ट्र के प्रति समर्पण भाव आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत… pic.twitter.com/Ga44QfjyFX
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) July 23, 2026
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दोनों महान स्वतंत्रता सेनानियों का जीवन देश के प्रति समर्पण, साहस और कर्तव्यनिष्ठा का उदाहरण है. उन्होंने युवाओं से उनके आदर्शों को अपनाने और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की प्रेरणा लेने का आह्वान किया. मुख्यमंत्री के संदेश को सोशल मीडिया पर भी व्यापक प्रतिक्रिया मिल रही है.
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि चंद्रशेखर आजाद और लोकमान्य तिलक का त्याग, संघर्ष और राष्ट्रभक्ति आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे. उन्होंने विश्वास जताया कि इन महान विभूतियों के आदर्श समाज में राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करेंगे और देश के विकास में योगदान देने की प्रेरणा देते रहेंगे.