हापुड़: उत्तर प्रदेश के कई जिलों में गैस सिलेंडरों की कमी के बीच कालाबाजारी की गतिविधियां जोरों पर हैं. हापुड़ में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने SP नेता अब्दुल रेहान के घर से 55 भरे हुए और कई खाली गैस सिलेंडर बरामद किए. आरोपी फरार हो गया है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि रेहान एक सिलेंडर ₹2,000 तक में बेच रहा था. पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया है.
यह घटना असौरा गांव की है. पुलिस को सूचना मिली थी कि पंचायत भवन के पास रहने वाला अब्दुल रेहान अपने घर पर अवैध रूप से गैस सिलेंडरों का जखीरा जमा कर रहा है. इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए, जिला आपूर्ति विभाग ने पुलिस टीम के साथ मिलकर उसके घर पर छापा मारा. छापे की भनक लगते ही अब्दुल रेहान अपने घर से फरार हो गया.
🚨 EXPOSED!
— Sunny Raj (@SunnyRajBJP) March 13, 2026
During a late-night raid, UP Police recovered 55 LPG cylinders from the house of Samajwadi Party leader Abdul Rehman.
Opposition leaders are hoarding cylinders & running black-marketing rackets.
Under Yogi Adityanath’s rule, such games won’t last long. pic.twitter.com/2ECMFJEeJN
पुलिस टीम ने मौके से 55 भरे हुए और कई खाली सिलेंडर बरामद किए. अधिकारियों ने सभी सिलेंडरों को अपनी हिरासत में ले लिया है और उन्हें जब्त कर लिया है.
इस बीच UP के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे कमी की आड़ में जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें. विशेष रूप से उन लोगों के खिलाफ जो पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस सिलेंडरों की कमी को लेकर अफवाहें फैला रहे हैं.
गैस की सामान्य आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए वितरण एजेंसियों पर सुरक्षा व्यवस्था पुख़्ता की जाए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि ग्राहकों को निर्धारित नियमों के अनुसार ही उनके सिलेंडर मिलें. UP के मुख्य सचिव ने इस संबंध में एक सरकारी आदेश जारी किया है, जिसमें सभी जिलों के जिलाधिकारियों यानी DM को निर्देश भेजे गए हैं.
मुख्य सचिव द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि उन चैनलों, सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म, संदेशों और वीडियो पर कड़ी नजर रखी जाए जो गलत सूचना फैलाते हैं. यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि गैस सिलेंडर वितरण प्रणाली में किसी भी तरह की बाधा न आए.
गैस सिलेंडरों का परिवहन करने वाले वाहनों को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए. राजस्व, खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभागों के अधिकारियों को स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर लगातार निरीक्षण करना चाहिए.