लखनऊ: उत्तर प्रदेश मौसम ने बुधवार को अचानक ऐसा उग्र रूप अख्तियार किया जिसने समूचे प्रदेश को भीषण संकट में डाल दिया है. चिलचिलाती गर्मी और लू के बीच आई इस आंधी-बारिश ने जहाँ एक तरफ लोगों को तपन से मुक्ति दिलाई. वहीं दूसरी ओर यह मौत का साया बनकर भी टूटी. प्रयागराज. वाराणसी और सुल्तानपुर सहित 30 से अधिक जिलों में प्रकृति का प्रचंड तांडव दिखा. इस आपदा ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर सुरक्षा व्यवस्थाओं के प्रति गंभीर सवाल खड़े किए हैं.
सुल्तानपुर में कुदरत का कहर और मौतें सुल्तानपुर जिले में कुदरत का सबसे भयावह रूप देखने को मिला, जहां 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आए भीषण तूफान ने पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर निर्मित टोल प्लाजा की भारी छत को कागज के टुकड़े की तरह हवा में उड़ा दिया. आसमान से गिरती बिजली ने न केवल खेतों की फसलों को जलाकर खाक कर दिया. बल्कि कई परिवारों के चिराग भी बुझा दिए. यहां सबसे अधिक सात लोगों की मौत हुई है.
अयोध्या में भी धूलभरी आंधी और मूसलाधार बारिश ने प्रशासन के हाथ-पांव फुला दिए. खराब दृश्यता और बिगड़ते मौसम के कारण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हेलिकॉप्टर की आपात लैंडिंग अयोध्या एयरपोर्ट पर करानी पड़ी. अमेठी और अयोध्या में दो-दो लोगों के मारे जाने की आधिकारिक सूचना है. इसके अलावा प्रयागराज और गाजीपुर में भी एक-एक व्यक्ति की जान गई है. पेड़ों और बिजली के खंभों के गिरने से कई ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है.
इस मौसमी उथल-पुथल का मुख्य कारण बंगाल की खाड़ी से आ रही अत्यधिक नम हवाओं को माना जा रहा है. इस बदलाव से पहले प्रदेश भीषण गर्मी की मार झेल रहा था. जहाँ बांदा 45.6 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म शहर रहा. पिछले दिनों यहां पारा 47 डिग्री के भी पार पहुंचा था. हालांकि, नोएडा और संभल जैसे जिलों में सुबह हुई झमाझम बारिश ने लोगों को उमस और तपिश से बड़ी राहत दी है. लेकिन यह राहत किसानों के लिए व्यापक नुकसानदेह साबित हुई.
राजधानी लखनऊ और प्रयागराज में मौसम ने ऐसा पलटा खाया कि दोपहर में ही रात जैसा अंधेरा छा गया. काले बादलों की वजह से सड़कों पर गाड़ियों की हेडलाइटें जलानी पड़ीं. प्रयागराज के संगम तट पर बनी दुकानों के छप्पर तेज हवाओं में तिनके की तरह बिखर गए और ग्रामीण इलाकों में बड़े आकार के ओले गिरे. इसी प्रकार गोरखपुर में भी शाम होते-होते घने बादलों ने पूरे शहर को ढंक लिया. जिससे तापमान में तो गिरावट आई लेकिन तबाही का भय हर तरफ बना रहा.
मौसम विभाग ने अब प्रदेश के 58 जिलों के लिए नया अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है. पूर्वांचल. बुंदेलखंड और ब्रज क्षेत्र में आंधी और बिजली गिरने का खतरा अभी टला नहीं है. प्रशासन ने आपदा प्रबंधन के नियमों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है. पेड़ों के नीचे या जर्जर छतों पर शरण लेना जानलेवा हो सकता है. राहत आयुक्त कार्यालय स्थिति की निरंतर निगरानी कर रहा है ताकि प्रभावितों को समय पर सहायता दी जा सके.