menu-icon
India Daily

Punjab Drug-Free Mission: मान सरकार का बड़ा कदम, पंजाब में नशा छोड़ने वालों के लिए 6 नए थेरेपी क्लीनिक शुरू

पंजाब सरकार ने नशे की लत से जूझ रहे लोगों के इलाज के लिए छह नए मेथाडोन मेंटेनेंस थेरेपी क्लीनिक शुरू किए हैं.

Ashutosh
Edited By: Ashutosh Rai
Punjab Drug-Free Mission: मान सरकार का बड़ा कदम, पंजाब में नशा छोड़ने वालों के लिए 6 नए थेरेपी क्लीनिक शुरू
Courtesy: X

पंजाब सरकार ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को आगे बढ़ाते हुए इलाज की व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. राज्य में छह नए मेथाडोन मेंटेनेंस थेरेपी (MMT) क्लीनिक शुरू किए गए हैं. सरकार का लक्ष्य नशे के आदी लोगों को बेहतर इलाज और पुनर्वास की सुविधा देना है.

छह जिलों में शुरू हुई नई सुविधा

सरकार ने पहले चरण में फरीदकोट, पटियाला, लुधियाना, गुरदासपुर, मोहाली और जालंधर में मेथाडोन मेंटेनेंस थेरेपी क्लीनिक शुरू किए हैं. इन केंद्रों में नशे की लत से जूझ रहे लोगों को विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में इलाज मिलेगा. मेथाडोन थेरेपी का उपयोग उन लोगों के इलाज में किया जाता है, जो लंबे समय से नशीले पदार्थों के आदी हैं. सरकार का मानना है कि सही इलाज और नियमित निगरानी से ऐसे लोगों को सामान्य जीवन में वापस लाया जा सकता है. इन क्लीनिकों में मरीजों की काउंसलिंग, दवा और स्वास्थ्य जांच जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी.

जल्द खुलेंगे छह और थेरेपी सेंटर

पंजाब सरकार ने साफ किया है कि यह अभियान सिर्फ छह क्लीनिक तक सीमित नहीं रहेगा. आने वाले समय में राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त छह और मेथाडोन मेंटेनेंस थेरेपी क्लीनिक शुरू किए जाएंगे. इसके बाद पूरे राज्य में ऐसे केंद्रों की संख्या बढ़कर 12 हो जाएगी. सरकार का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक लोगों तक इलाज की सुविधा पहुंचे और उन्हें नशे की लत से बाहर निकलने का मौका मिले. नए केंद्र खुलने से अलग-अलग जिलों के लोगों को इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा और समय पर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी.

नशा मुक्त पंजाब बनाने पर सरकार का फोकस

सरकार लगातार यह संदेश दे रही है कि नशे के खिलाफ सिर्फ कार्रवाई करना ही काफी नहीं है, बल्कि इलाज और पुनर्वास भी उतना ही जरूरी है. इसी सोच के तहत थेरेपी क्लीनिकों का दायरा बढ़ाया जा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर इलाज मिलने से मरीजों की रिकवरी की संभावना बढ़ती है. सरकार का कहना है कि नशे की समस्या से प्रभावित लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना प्राथमिकता है. आने वाले समय में इलाज की सुविधाओं के विस्तार के साथ जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे.