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संगरूर सुसाइड केस पर कांग्रेस का बड़ा मार्च, पंजाब आते ही सचिन पायलट संभालेंगे कमान; मंत्री के घर तक पैदल जाएंगे

पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट 15 सितंबर को चंडीगढ़ में मार्च की अगुवाई करेंगे. गुलजार सिंह के परिवार को इंसाफ दिलाने की मांग के साथ पार्टी नेतृत्व और अंदरूनी गुटबाजी का मुद्दा भी चर्चा में है.

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संगरूर सुसाइड केस पर कांग्रेस का बड़ा मार्च, पंजाब आते ही सचिन पायलट संभालेंगे कमान; मंत्री के घर तक पैदल जाएंगे
Courtesy: Social Media

चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी सचिन पायलट 15 सितंबर को पंजाब पहुंचेंगे और चंडीगढ़ में पार्टी के बड़े प्रदर्शन की अगुवाई करेंगे. कांग्रेस नेता गुलजार सिंह की मौत के मामले में इंसाफ की मांग को लेकर हरपाल चीमा के आवास तक पैदल मार्च निकाला जाएगा. इसी बीच पायलट ने पार्टी के अंदर नेतृत्व परिवर्तन और मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर चल रही अटकलों पर भी स्थिति साफ कर दी है. इससे चन्नी गुट की रणनीति पर असर पड़ सकता है.

सचिन पायलट ने कहा है कि वह पंजाब कांग्रेस नेताओं के साथ 15 सितंबर को चंडीगढ़ में मार्च करेंगे. यह मार्च आम आदमी पार्टी के मंत्री हरपाल चीमा के आवास तक जाएगा. कांग्रेस गुलजार सिंह के परिवार के लिए इंसाफ, उनकी मौत की स्वतंत्र जांच और हरपाल चीमा को पद से हटाने की मांग करेगी. पायलट खुद चंडीगढ़ से पैदल मार्च की अगुवाई करेंगे.

नेतृत्व परिवर्तन पर पायलट ने दिया साफ संदेश

पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी खत्म करने के लिए हाईकमान ने प्रदेश प्रभारी बदला, लेकिन खींचतान पूरी तरह खत्म नहीं हुई. इसी बीच सचिन पायलट ने पंजाब के नेताओं से साफ कहा है कि प्रदेश कांग्रेस में फिलहाल नेतृत्व परिवर्तन नहीं होगा. इससे राजा वड़िंग को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने की चर्चाओं पर विराम लगता दिख रहा है.

चन्नी को CM फेस बनाने की मांग को झटका

चरणजीत सिंह चन्नी गुट की ओर से लंबे समय से उन्हें मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाए जाने की मांग की जाती रही है. पायलट ने कहा कि जिन राज्यों में कांग्रेस विपक्ष में होती है, वहां चुनाव से पहले मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित नहीं किया जाता. पंजाब में भी सभी नेता मिलकर चुनाव लड़ेंगे और बहुमत मिलने के बाद मुख्यमंत्री का फैसला किया जाएगा.

राहुल गांधी संभालेंगे चुनाव अभियान

पायलट ने यह भी स्पष्ट किया है कि पंजाब में कांग्रेस के चुनाव अभियान की अगुवाई राहुल गांधी करेंगे. पार्टी ने चरणजीत सिंह चन्नी को कैंपेनिंग कमेटी का अध्यक्ष बनाया है, लेकिन उन्होंने अब तक इस जिम्मेदारी के तहत कोई बैठक नहीं की है. पायलट के बयान से संकेत है कि चुनावी अभियान में केंद्रीय नेतृत्व की भूमिका अहम रहेगी.

चन्नी गुट की गतिविधियों पर हाईकमान की नजर

राजा वड़िंग और चन्नी गुट के बीच दूरी अभी खत्म नहीं हुई है. दोनों खेमे अलग-अलग कार्यक्रम कर रहे हैं और चन्नी गुट की आंतरिक बैठकें भी जारी हैं. गुलजार सिंह के मामले में दोनों गुटों के नेताओं के अलग-अलग कार्यक्रम सामने आए. कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक हाईकमान नेताओं की गतिविधियों पर नजर रख रहा है. अब यह भी देखना होगा कि 15 सितंबर के मार्च में चन्नी गुट और राजा वड़िंग एक मंच पर आते हैं या नहीं.