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India Daily

गैंगस्टर जग्गू का नेटवर्क बनेगा बड़ा खतरा... MP रंधावा ने वित्त मंत्री सीतारमण को लिखा पत्र, डेरा बाबा नानक में फंडिंग का आरोप

सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने डेरा बाबा नानक और गुरदासपुर में गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के नेटवर्क से जुड़ी कथित फंडिंग की जांच की मांग की है.

Ashutosh
Edited By: Ashutosh Rai
गैंगस्टर जग्गू का नेटवर्क बनेगा बड़ा खतरा... MP रंधावा ने वित्त मंत्री सीतारमण को लिखा पत्र, डेरा बाबा नानक में फंडिंग का आरोप
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Jaggu Bhagwanpuria Network : पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र भेजकर डेरा बाबा नानक और गुरदासपुर में बढ़ते गैंगस्टर प्रभाव पर चिंता जताई. उन्होंने अपराध से आए पैसे के इस्तेमाल की आशंका जताते हुए केंद्रीय एजेंसियों से जांच की मांग की है.

सांसद ने सोशल मीडिया पर साझा किया पत्र

रंधावा ने पत्र को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कहा कि इलाके में बड़े स्तर पर हो रहे खर्च और पैसे बांटने के स्रोत की निष्पक्ष जांच जरूरी है. उनका आरोप है कि जेल में बंद गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया का नेटवर्क अपराध से मिले पैसों के जरिए सामाजिक और राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने खास तौर पर जग्गू की महिला रिश्तेदार राजविंदर कौर और उनके साथियों का जिक्र किया. रंधावा के मुताबिक गांवों में सामूहिक विवाह, खेल प्रतियोगिताओं, सामाजिक कार्यक्रमों और शगुन के नाम पर बड़ी रकम खर्च की जा रही है.

ड्रग मनी और मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका

रंधावा ने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी रकम आखिर कहां से आ रही है. उन्होंने आशंका जताई कि इसका संबंध ड्रग तस्करी, रंगदारी या जग्गू भगवानपुरिया से जुड़े दूसरे अपराधों से हो सकता है. पत्र में उन्होंने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002 का भी हवाला दिया. रंधावा ने कहा कि NDPS Act से जुड़े अपराध PMLA के दायरे में आते हैं, इसलिए यह भी जांचना जरूरी है कि कहीं अपराध से कमाए पैसे को सामाजिक गतिविधियों या संपत्तियों के जरिए वैध दिखाने की कोशिश तो नहीं हो रही.

ED और आयकर विभाग से जांच की मांग

सांसद ने वित्त मंत्री से ED के जरिए राजविंदर कौर और उनके सहयोगियों के कार्यक्रमों, बैंक खातों, नकद लेन-देन और संपत्तियों की जांच कराने की मांग की है. उन्होंने आयकर विभाग से घोषित आय और वास्तविक खर्च के बीच अंतर की जांच करने को कहा. साथ ही, अगर किसी पुलिस या सरकारी अधिकारी ने जानबूझकर ऐसे लेन-देन को नजरअंदाज किया या मदद पहुंचाई, तो उसकी भूमिका की भी जांच हो. रंधावा ने कहा कि दोषी पाए जाने वालों पर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.