बारिश के मौसम में शहरवासियों को होने वाली परेशानियों को कम करने के लिए लुधियाना नगर निगम ने बड़ी पहल की है. नगर निगम ने मानसून हेल्पलाइन सेवा शुरू कर दी है ताकि नागरिकों को छोटी बड़ी समस्याओं के लिए अलग अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें. अब केवल एक कॉल या वाट्सएप चैटबॉट के जरिए शिकायत दर्ज कराई जा सकेगी और संबंधित विभाग तुरंत कार्रवाई करेगा. नगर निगम का कहना है कि इस नई व्यवस्था का उद्देश्य बारिश के दौरान लोगों को तेज और बेहतर नागरिक सेवाएं उपलब्ध कराना है.
नगर निगम आयुक्त ओजस्वी अलंकार ने बताया कि मानसून के दौरान शहर में जलभराव, खुले मैनहोल, पेड़ गिरने, स्ट्रीट लाइट खराब होने, पेयजल आपूर्ति बाधित होने और दूषित पानी जैसी शिकायतें सबसे अधिक आती हैं. इन्हीं समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए विशेष मानसून हेल्पलाइन शुरू की गई है. नागरिक 9086791867 नंबर पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. शिकायत मिलते ही संबंधित विभाग को तुरंत सूचना भेजी जाएगी ताकि मौके पर पहुंचकर समस्या का जल्द समाधान किया जा सके.
नगर निगम ने तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाते हुए वाट्सएप चैटबॉट सेवा भी शुरू की है. अब लोग फोन कॉल करने के अलावा मोबाइल के जरिए भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे. इसके लिए नगर निगम द्वारा जारी क्यूआर कोड को स्कैन करना होगा. इसके बाद पूरी शिकायत प्रक्रिया मोबाइल पर ही पूरी की जा सकेगी. अधिकारियों के मुताबिक यह सेवा चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेगी और नागरिकों को तेज व आसान सुविधा प्रदान करेगी.
नगर निगम ने बताया कि मानसून के दौरान शहर के संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जाएगी. जलनिकासी व्यवस्था, सीवरेज लाइन, सड़क सुरक्षा और पेयजल आपूर्ति पर विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके. बारिश के दौरान यदि किसी क्षेत्र में जलभराव या अन्य समस्या सामने आती है तो संबंधित टीम को तुरंत मौके पर भेजा जाएगा.
नगर निगम ने शहरवासियों से अपील की है कि यदि उन्हें कहीं जलभराव, खुला मैनहोल, गिरे हुए पेड़, खराब स्ट्रीट लाइट, सीवरेज जाम या दूषित पेयजल जैसी समस्या दिखाई दे तो बिना देरी किए हेल्पलाइन या वाट्सएप चैटबॉट के माध्यम से सूचना दें. प्रशासन का कहना है कि नागरिकों के सहयोग से समस्याओं का तेजी से समाधान किया जा सकेगा और मानसून के दौरान लोगों को होने वाली परेशानियों को काफी हद तक कम किया जा सकेगा.
नगर निगम को उम्मीद है कि हेल्पलाइन और डिजिटल शिकायत प्रणाली शुरू होने से शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज, पारदर्शी और प्रभावी होगी. इससे लोगों का समय भी बचेगा और बारिश के दौरान जरूरी सेवाएं बिना किसी देरी के उपलब्ध कराई जा सकेंगी. नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अब नागरिकों को अलग अलग विभागों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. एक ही माध्यम से शिकायत दर्ज होगी और संबंधित विभाग तक तुरंत पहुंच जाएगी.