चंडीगढ़ में एक मेडिकल स्टोर के कैशियर की हत्या की जांच ने एक बड़े खतरे को उजागर कर दिया है. पुलिस को पता चला है कि यह हत्या पाकिस्तान से चलाए जा रहे एक बड़े नार्को-टेरर नेटवर्क से जुड़ी हुई है. पुलिस ने पंजाब के तरनतारन और अमृतसर में छापेमारी कर तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. इनके पास से 3 किलो से ज्यादा ICE ड्रग (मेथामफेटामाइन), 8 लाख रुपये के नकली नोट और आधुनिक पिस्टल-मैगजीन बरामद हुई हैं.
गिरफ्तार आरोपी आकाश कुमार उर्फ मणि, सचिन सिल्वेस्टर और गुरमीत सिंह उर्फ बादशाह हैं. पुलिस का कहना है कि यह नेटवर्क पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स के इशारे पर काम करता था.
पाकिस्तान से लो-फ्लाइंग ड्रोन के जरिए हथियार, ड्रग्स और नकली नोट भारत में गिराए जाते थे. पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में मौजूद लोग इन सामानों को उठाते थे. फिर एन्क्रिप्टेड ऐप्स से बातचीत करके गैंगस्टरों को सप्लाई की जाती थी. ये गैंगस्टर जम्मू-कश्मीर से शूटर बुलाते, हथियारों की टेस्टिंग करते और फिर हत्याएं जैसे काम करते थे.
इस नेटवर्क का कथित सरगना धर्मिंदर सिंह उर्फ गोली है, जो वर्तमान में कपूरथला जेल में बंद है. उसके खिलाफ 32 आपराधिक मामले दर्ज हैं. पुलिस उसे प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ करेगी.
13 जून को चंडीगढ़ के सेक्टर-11 में 45 साल के कैशियर जंकी दास की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. दो नकाबपोश हमलावरों ने यह वारदात की थी. जांच में पता चला कि गुरमीत सिंह उर्फ बादशाह ने हमलावरों को अपने घर में छुपाया, पिस्टल दी और मदद की. पुलिस का कहना है कि यह सिर्फ एक हत्या का मामला नहीं बल्कि पाकिस्तान से जुड़े बड़े अंतरराष्ट्रीय अपराधी सिंडिकेट का हिस्सा है. अभी जांच जारी है. पुलिस और अन्य एजेंसियां इस नेटवर्क से जुड़े और लोगों को ढूंढ रही हैं.