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India Daily

एशियन गेम्स के 100 मीटर सेमीफाइनल में पहुंचे जालंधर के गुरिंदरवीर, अब फाइनल पर नजर

जालंधर के गुरिंदरवीर सिंह ने एशियाई खेलों की 100 मीटर दौड़ में 10.38 सेकेंड का समय लेकर अपनी हीट में दूसरा स्थान हासिल किया और सेमीफाइनल में जगह बनाई. अब शुक्रवार को फाइनल के लिए दौड़ेंगे.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
एशियन गेम्स के 100 मीटर सेमीफाइनल में पहुंचे जालंधर के गुरिंदरवीर, अब फाइनल पर नजर
Courtesy: social media

जालंधर के भोगपुर के रहने वाले भारतीय धावक गुरिंदरवीर सिंह ने एशियाई खेलों में 100 मीटर स्पर्धा के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है. गुरुवार को उन्होंने अपनी हीट में 10.38 सेकेंड का समय दर्ज किया और दूसरे स्थान पर रहे. सेमीफाइनल और फाइनल दोनों मुकाबले शुक्रवार को होंगे.

फेडरेशन कप में राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था

गुरिंदरवीर सिंह के लिए इस साल 100 मीटर दौड़ में प्रदर्शन लगातार चर्चा में रहा है. रांची में आयोजित फेडरेशन कप में उन्होंने पहले सेमीफाइनल में 10.17 सेकेंड का समय निकालकर राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया. इसके बाद फाइनल में उन्होंने अपना प्रदर्शन और बेहतर किया और 10.09 सेकेंड का समय दर्ज करते हुए स्वर्ण पदक जीता. वह 100 मीटर में 10.10 सेकेंड से कम समय निकालने वाले पहले भारतीय धावक बने.

राष्ट्रमंडल खेलों में भी दिखाया था दम

जुलाई में ग्लासगो में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में भी गुरिंदरवीर ने 100 मीटर की हीट में 10.39 सेकेंड का समय दर्ज किया था. वह अपनी हीट में दूसरे स्थान पर रहे, हालांकि यह समय उन्हें सेमीफाइनल तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त नहीं था. प्रतियोगिता में उनका कुल स्थान 28वां रहा. अब एशियाई खेलों में उन्होंने 10.38 सेकेंड के साथ अगले दौर में जगह बनाई है.

लावी पिंटो के बाद इतिहास बनाने का मौका

एशियाई खेलों में गुरिंदरवीर के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती सेमीफाइनल पार कर फाइनल में पहुंचने की है. भारतीय 100 मीटर स्पर्धा के इतिहास में लावी पिंटो का नाम खास तौर पर दर्ज है. उन्होंने 1951 में नई दिल्ली में आयोजित पहले एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता था. गुरिंदरवीर के पास अब इस विरासत को आगे बढ़ाने का मौका है.

पिता और कोच को बेटे से बड़ी उम्मीदें

गुरिंदरवीर के पिता कमलजीत सिंह खुद वालीबाल खिलाड़ी रहे हैं. उनके मुताबिक, बेटे का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए पदक जीतना है और इसी सपने के साथ उसने मौसम की परवाह किए बिना लगातार अभ्यास किया. कोविड काल में भी उसने घर पर प्रशिक्षण जारी रखा. वरिष्ठ कोच सरबजीत सिंह हैप्पी ने बताया कि अब शुक्रवार के सेमीफाइनल और फाइनल पर सभी की नजरें रहेंगी.