पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) को झटका लगा है. पार्टी की ओर से उम्मीदवारों की पहली सूची जारी किए जाने के एक दिन बाद दो विधायकों ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. इस्तीफा देने वाले नेताओं में सनौर से हरमीत सिंह पठानमाजरा और समाना से चेतन सिंह जौरामाजरा शामिल हैं.
हरमीत सिंह पठानमाजरा लंबे समय से पार्टी नेतृत्व के साथ मतभेदों को लेकर चर्चा में थे. सरकार की बाढ़ से निपटने की कार्यशैली और उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों को लेकर भी उनका पार्टी से टकराव रहा था. वहीं, चेतन सिंह जौरामाजरा के इस्तीफे ने भी पार्टी के भीतर असंतोष की स्थिति को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं.
पूर्व कैबिनेट मंत्री चेतन सिंह जौरामाजरा समाना विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं. इस साल मई में शिरोमणि अकाली दल के पूर्व नेता सुरजीत सिंह रखड़ा के AAP में शामिल होने के बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई थीं. रखड़ा को समाना में पार्टी के कामकाज की अहम जिम्मेदारी दी गई थी. इसे स्थानीय विधायक की भूमिका सीमित किए जाने के तौर पर देखा गया.
इससे एक दिन पहले AAP ने 2027 विधानसभा चुनाव के लिए 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की थी. इसमें पार्टी ने सभी 40 मौजूदा विधायकों को दोबारा टिकट दिया है. मुख्यमंत्री भगवंत मान धुरी से चुनाव लड़ेंगे, जबकि जेल में बंद कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा को लुधियाना पश्चिम सीट से उम्मीदवार बनाया गया है.
पंजाब विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां को कोटकपूरा और डिप्टी स्पीकर को गढ़शंकर से टिकट दिया गया है. चार महिला विधायकों बलजिंदर कौर, इंद्रजीत कौर मान, संतोष कटारिया और अमनदीप कौर अरोड़ा को भी उनकी मौजूदा सीटों से उम्मीदवार बनाया गया है.
दिल्ली में पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति (PAC) की बैठक के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उम्मीदवारों की सूची घोषित की थी. उन्होंने कहा था कि चुनाव से काफी पहले उम्मीदवारों के नाम घोषित करना पार्टी की मजबूत तैयारियों, पारदर्शिता और सरकार के कामकाज पर उसके भरोसे को दर्शाता है.