पंजाब में ईडी की कार्रवाई को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने 23 सितंबर को साहनेवाल में गुरप्रीत सिंह सैणी के घर हुई तलाशी का पंचनामा सार्वजनिक किया. चीमा ने जांच की प्रक्रिया पर सवाल उठाए और कहा कि किसी पर लगाया गया आरोप अपने आप में अपराध साबित नहीं करता.
हरपाल सिंह चीमा ने सोशल मीडिया पोस्ट में तलाशी के दस्तावेज को साझा करते हुए ईडी की कार्रवाई पर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय जांच एजेंसी की कार्रवाई का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है. चीमा के मुताबिक, छापे और पूछताछ जैसी कार्रवाइयों से डर का माहौल बनाने की कोशिश हो रही है. हालांकि, ये राजनीतिक आरोप हैं और ईडी की जांच का अंतिम निष्कर्ष अलग विषय है.
साझा किए गए पंचनामा के अनुसार, ईडी की टीम 23 सितंबर को साहनेवाल स्थित गुरप्रीत सिंह सैणी के आवास पर तलाशी के लिए पहुंची थी. दस्तावेज में तलाशी के लिए जारी प्राधिकरण का उल्लेख किया गया है. कार्रवाई ईडी की उस व्यापक जांच का हिस्सा बताई गई है, जिसमें GMADA से जुड़े मामलों और कुछ कंपनियों के वित्तीय लेनदेन की जांच की जा रही है.
पंचनामा में दर्ज विवरण के मुताबिक, ईडी टीम के पहुंचने पर गुरप्रीत सिंह की मां ने घर का दरवाजा खोला. उन्होंने अधिकारियों को बताया कि घर में परिवार के सदस्य और एक नवजात बच्ची मौजूद थी, जबकि गुरप्रीत सिंह और उनकी पत्नी बाहर गए थे. अधिकारियों ने तलाशी का प्राधिकरण दिखाया और परिवार की मौजूदगी में गुरप्रीत सिंह से संपर्क करने का प्रयास किया. बाद में उनकी पत्नी भी घर पहुंचीं.
पंचनामा मुख्य रूप से तलाशी के दौरान हुई प्रक्रिया, मौजूद अधिकारियों और गवाहों का दस्तावेजी रिकॉर्ड होता है. इसे अपने आप किसी व्यक्ति के खिलाफ अपराध या अवैध लेनदेन का अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता. दूसरी ओर, ईडी के अनुसार गुरप्रीत सिंह सैणी से जुड़े वित्तीय लेनदेन भी जांच के दायरे में हैं. एजेंसी की व्यापक कार्रवाई GMADA से संबंधित कथित वित्तीय अनियमितताओं और कई कंपनियों की गतिविधियों की जांच से जुड़ी है.