चंडीगढ़ प्रशासन ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट आने वाले वकीलों, वादियों और आम लोगों की लंबे समय से चली आ रही पार्किंग की परेशानी को कम करने के लिए नई ग्रीन पार्किंग शुरू कर दी है. यह पार्किंग आधुनिक सुविधाओं के साथ पर्यावरण को ध्यान में रखकर तैयार की गई है.
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के बाहर अब लोगों को वाहन खड़ा करने के लिए बेहतर सुविधा मिलेगी. चंडीगढ़ प्रशासन ने करीब 6.23 एकड़ क्षेत्र में नई ग्रीन पार्किंग तैयार कर आम लोगों के लिए खोल दी है. इस पार्किंग के निर्माण पर लगभग साढ़े तीन करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं. यहां एक साथ 700 से अधिक वाहनों को पार्क किया जा सकेगा. पहले हाईकोर्ट परिसर के बाहर लोगों को कच्ची और पथरीली जगहों पर वाहन खड़े करने पड़ते थे, जिससे रोजाना परेशानी होती थी. नई व्यवस्था शुरू होने के बाद वकीलों, पक्षकारों और अन्य लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.
इस पार्किंग को पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल तरीके से विकसित किया गया है. पूरे परिसर में ग्रीन पेवर ब्लॉक लगाए गए हैं, जिनके बीच घास उगाई गई है ताकि हरियाली बनी रहे. इसके साथ ही तय दूरी पर पेड़ भी लगाए गए हैं, जिससे वाहनों को प्राकृतिक छाया मिल सके. ग्रीन पेवर ब्लॉक्स की खास बात यह है कि बारिश का पानी आसानी से जमीन में समा जाएगा. इससे जलभराव की समस्या कम होगी और भूजल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा. प्रशासन का कहना है कि यह पार्किंग सुविधा और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखने का अच्छा उदाहरण बनेगी.
चंडीगढ़ का यह इलाका यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल कैपिटल कॉम्प्लेक्स का हिस्सा है. इसी कारण इस परियोजना को विशेष हेरिटेज मानकों के अनुसार तैयार किया गया. पिछले वर्ष हाईकोर्ट ने यहां ग्रीन पेवर ब्लॉक लगाने की अनुमति दी थी. इसके बाद लैंडस्केप विशेषज्ञों से डिजाइन तैयार कराया गया और अक्टूबर 2025 में निर्माण कार्य शुरू हुआ. इससे पहले भूमिगत मल्टीलेवल पार्किंग का प्रस्ताव आया था लेकिन हेरिटेज इम्पैक्ट असेसमेंट रिपोर्ट में इसका विरोध किया गया. रिपोर्ट में कहा गया था कि ऐसा निर्माण धरोहर क्षेत्र के स्वरूप को प्रभावित कर सकता है.