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बठिंडा में मोबाइल ऐप से चलते-चलते लॉक हुए ई-रिक्शा, बीच रास्ते में सवारियां उतार परेशान हुए गरीब चालक

बठिंडा में मोबाइल ऐप के जरिए चलते-चलते ई-रिक्शा बंद होने की घटनाओं ने चालकों और यात्रियों की चिंता बढ़ा दी है.

Ashutosh
Edited By: Ashutosh Rai
बठिंडा में मोबाइल ऐप से चलते-चलते लॉक हुए ई-रिक्शा, बीच रास्ते में सवारियां उतार परेशान हुए गरीब चालक
Courtesy: X

पंजाब के बठिंडा में ई-रिक्शा चालकों के सामने नई परेशानी आ गई है. शहर में दो ई-रिक्शा अचानक चलते-चलते बंद हो गए. शुरुआती जानकारी के अनुसार यह घटना मोबाइल ऐप के जरिए वाहन लॉक होने से जुड़ी है, जिससे डिजिटल सुरक्षा और तकनीक के दुरुपयोग पर सवाल उठने लगे हैं.

चलते-चलते बंद हुए ई-रिक्शा

बठिंडा के रेलवे रोड और अस्पताल बाजार के पास सोमवार देर रात एक ई-रिक्शा अचानक बीच रास्ते में बंद हो गया. चालक रेलवे स्टेशन से सवारी लेकर जा रहा था लेकिन करीब 500 मीटर आगे बढ़ने के बाद वाहन रुक गया. सवारियों को बीच रास्ते में उतरकर दूसरा वाहन लेना पड़ा. चालक करीब दो घंटे तक यह समझने की कोशिश करता रहा कि आखिर रिक्शा क्यों बंद हो गया. इसी दौरान हनुमान चौक के पास भी एक अन्य ई-रिक्शा इसी तरह बंद होने की जानकारी सामने आई. दोनों मामलों ने शहर के ई-रिक्शा चालकों में चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि उन्हें आशंका है कि कोई तकनीक का गलत इस्तेमाल कर रहा है.

मोबाइल ऐप से दोबारा चालू हुआ वाहन

घटना के दौरान मौके पर पहुंचे नौजवान वेलफेयर सोसायटी के सदस्यों ने स्थिति को समझने की कोशिश की. उन्होंने संबंधित मोबाइल ऐप डाउनलोड कर जरूरी प्रक्रिया पूरी की, जिसके बाद ई-रिक्शा फिर से चालू हो गया. संस्था के प्रधान सोनू माहेश्वरी ने कहा कि कुछ शरारती लोग तकनीक का गलत इस्तेमाल कर गरीब चालकों को परेशान कर रहे हैं. उन्होंने प्रशासन और साइबर एजेंसियों से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की.

विशेषज्ञों ने बताए सुरक्षा के जरूरी उपाय

तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार कई आधुनिक ई-रिक्शा स्मार्ट कंट्रोल सिस्टम और मोबाइल ऐप से जुड़े होते हैं. इन ऐप के जरिए वाहन की लोकेशन, बैटरी और लॉक सिस्टम को नियंत्रित किया जा सकता है. यदि वाहन का पासवर्ड नहीं बदला गया हो या किसी अनधिकृत व्यक्ति को डिजिटल पहुंच मिल जाए, तो वह वाहन को लॉक कर सकता है. विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि वाहन खरीदने के बाद डिफॉल्ट पासवर्ड तुरंत बदलें, ओटीपी और लॉगिन जानकारी किसी के साथ साझा न करें और केवल आधिकारिक ऐप का ही इस्तेमाल करें.