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बेअदबी के खिलाफ बिल राज्यपाल की मंज़ूरी के बाद बना कानून, सीएम भगवंत मान ने वाहेगुरु और संगत का किया धन्यवाद

कैबिनेट मंत्री बलजीत कौर ने कहा कि यह एक यादगार और ऐतिहासिक दिन है. यह कानून उन लोगों के खिलाफ एक मज़बूत रोकथाम का काम करेगा जो समाज में फूट डालने के इरादे से बेअदबी की घटनाएं करते हैं.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
बेअदबी के खिलाफ बिल राज्यपाल की मंज़ूरी के बाद बना कानून, सीएम भगवंत मान ने वाहेगुरु और संगत का किया धन्यवाद
Courtesy: aap

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रविवार को ऐलान किया कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के खिलाफ पंजाब विधानसभा में पास हुआ बिल राज्यपाल की मंज़ूरी मिलने के बाद अब आधिकारिक तौर पर कानून बन गया है. यह पवित्र ग्रंथ की मर्यादा की रक्षा करने के लिए एक ज़रूरी कानूनी कदम है.

X पर एक पोस्ट में, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के खिलाफ विधानसभा में पास हुए बिल पर राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने हस्ताक्षर कर दिए हैं. अब यह बिल कानून बन गया है. मैं वाहेगुरु का बहुत शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने इस विनम्र सेवक को ऐसी सेवा का आशीर्वाद दिया है. पूरी संगत का दिल से शुक्रिया."

पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इस विकास को सभी के लिए "बहुत शुभ और ऐतिहासिक पल" बताया. उन्होंने कहा, "यह सभी के लिए बहुत शुभ और ऐतिहासिक पल है. 13 अप्रैल को बैसाखी के मौके पर पास हुआ बिल अब 'श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी सत्कार एक्ट, 2026' के तौर पर लागू हो गया है. मैं न सिर्फ सिखों को बल्कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी में आस्था रखने वाले सभी धर्मों के लोगों को बधाई देता हूं, क्योंकि यह कानून करोड़ों लोगों की आम आस्था और भावनाओं को दिखाता है."

कैबिनेट मंत्री बलजीत कौर ने कहा, “यह एक यादगार और ऐतिहासिक दिन है. यह कानून उन लोगों के खिलाफ एक मज़बूत रोकथाम का काम करेगा जो समाज में फूट डालने के इरादे से बेअदबी की घटनाएं करते हैं. मान सरकार ने वह कर दिखाया है जो पिछली सरकारें पंथिक मूल्यों की रखवाली करने का दावा करने के बावजूद नहीं कर पाईं. यह कानून सख्त सज़ा पक्का करेगा और धर्म के नाम पर नफरत फैलाने की कोशिशों को रोककर सांप्रदायिक सद्भाव को बढ़ावा देगा.”

विधायक डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर ने कहा, “यह पंजाब के लिए एक ऐतिहासिक दिन है. विधानसभा में यह बिल बिना किसी विरोध के पास हुआ था और अब इसे राज्यपाल की मंज़ूरी मिल गई है. मैं मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को इस बिल को हिम्मत और ईमानदारी से पेश करने का क्रेडिट देता हूं और मुझे उम्मीद है कि कानून के कड़े नियम बेअदबी की घटनाओं को पूरी तरह से रोक देंगे क्योंकि दोषी अब ऐसी हरकतें करने से पहले कई बार सोचेंगे.”

सांसद मलविंदर सिंह कंग ने कहा, “यह कानून दुनिया भर के सिखों की बेअदबी के खिलाफ सख्त सजा की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने की दिशा में एक अहम कदम है. इससे ऐसे काम करने वालों में डर पैदा होगा और इंसाफ पक्का होगा. मैं वाहेगुरु और मान सरकार को पंजाब के लोगों की भावनाओं को एक मजबूत कानूनी ढांचे में बदलने के लिए धन्यवाद देता हूं.”

आप पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने बहुत खुशी जाहिर करते हुए इसे दुनिया भर के सिखों के लिए गर्व की बात बताया. उन्होंने कहा, “यह दुनिया भर के सिखों के लिए गर्व का पल है. यह कानून श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेहतर सुरक्षा पक्का करेगा. मैं दुनिया भर के सिख समुदाय को बधाई देता हूं और इसे मुमकिन बनाने के लिए मुख्यमंत्री और राज्यपाल को धन्यवाद देता हूं.”

इसी तरह के विचार जाहिर करते हुए पार्टी नेताओं ने कहा कि इस कानून के लागू होने से यह साफ संदेश जाता है कि बेअदबी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा कि यह कानून धार्मिक सद्भाव की रक्षा करेगा और सभी पवित्र ग्रंथों की गरिमा बनाए रखेगा. आम आदमी पार्टी के महासचिव और पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामले विभाग के सलाहकार दीपक बाली ने आज कहा कि पंजाब विधानसभा द्वारा पारित बेअदबी विरोधी विधेयक पर माननीय राज्यपाल महोदय ने हस्ताक्षर कर दिए हैं, जिससे यह विधेयक अब कानून का रूप ले चुका है.

दीपक बाली ने कहा कि यह पंजाब के लिए एक ऐतिहासिक दिन है और यह कानून हमारी धार्मिक भावनाओं तथा गुरु साहिबान की शान को बनाए रखने की दिशा में एक बड़ा बदलाव है. उन्होंने स्पष्ट किया कि अब गुरु ग्रंथ साहिब जी की किसी भी प्रकार की बेअदबी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि पंथ के नाम पर वोट लेकर और सरकारें बनाकर किसी भी तथाकथित पंथक पार्टी ने कभी इस तरह का कानून नहीं बनाया. आम आदमी पार्टी ने यह साबित किया है कि वह गुरु साहिबान की शान की रक्षा के लिए कड़े से कड़ा कानून बनाने से कभी नहीं हिचकिचाएगी. अंत में उन्होंने मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान और उनकी पूरी टीम को इस ऐतिहासिक कार्य के लिए हार्दिक बधाई दी.