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छात्रों के लिए सुनहरा मौका, पंजाब यूनिवर्सिटी में शुरू होंगे AI और साइबर सिक्योरिटी के नए कोर्स

पंजाब यूनिवर्सिटी से संबद्ध कॉलेजों में जल्द ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस और साइबर सिक्योरिटी जैसे आधुनिक कोर्स शुरू किए जाएंगे. प्रत्येक पाठ्यक्रम में 40 सीटों का प्रस्ताव रखा गया है.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
छात्रों के लिए सुनहरा मौका, पंजाब यूनिवर्सिटी में शुरू होंगे AI और साइबर सिक्योरिटी के नए कोर्स
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तकनीक की दुनिया तेजी से बदल रही है और इसके साथ रोजगार के नए अवसर भी सामने आ रहे हैं. इसी बदलाव को देखते हुए पंजाब यूनिवर्सिटी ने छात्रों के लिए आधुनिक और रोजगारपरक शिक्षा का रास्ता खोलने की तैयारी की है. नए शैक्षणिक सत्र से यूनिवर्सिटी से जुड़े कॉलेजों में एआई, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस और साइबर सिक्योरिटी जैसे विषयों के कोर्स शुरू करने की योजना बनाई गई है. इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रदान करना है.

नई शिक्षा नीति के तहत पहल

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत बीएससी साइबर सिक्योरिटी, बीएससी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग तथा बीएससी डेटा साइंस जैसे पाठ्यक्रम प्रस्तावित किए गए हैं. प्रत्येक कोर्स में 40 सीटें रखी गई हैं. हालांकि इनकी शुरुआत संबंधित प्राधिकरणों और विश्वविद्यालय से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद ही होगी.

बढ़ रही है तकनीकी विशेषज्ञों की मांग

आज बैंकिंग, स्वास्थ्य, शिक्षा, ई-कॉमर्स और सरकारी सेवाओं सहित लगभग हर क्षेत्र में डिजिटल तकनीक का उपयोग बढ़ रहा है. ऐसे में एआई, डेटा साइंस और साइबर सिक्योरिटी में प्रशिक्षित युवाओं की मांग लगातार बढ़ती जा रही है. यही वजह है कि इन क्षेत्रों को भविष्य का करियर माना जा रहा है.

व्यावहारिक ज्ञान पर रहेगा जोर

विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि इन कोर्सों में केवल किताबों तक सीमित पढ़ाई नहीं होगी. छात्रों को उद्योग से जुड़े कौशल, डेटा विश्लेषण, साइबर सुरक्षा और मशीन लर्निंग जैसी तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि वे नौकरी के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें.

छात्रों को मिलेगा बड़ा लाभ

कुलपति प्रोफेसर रेणु विज के अनुसार पूरी रूपरेखा तैयार कर ली गई है. इन कोर्सों के शुरू होने से छात्रों को आधुनिक विषयों की पढ़ाई के लिए दूसरे राज्यों या निजी संस्थानों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल युवाओं के लिए नए करियर अवसरों के द्वार खोल सकती है.