श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व के अवसर पर पंजाब में बड़े स्तर पर धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. इसी कड़ी में कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक ने एक विशेष कार्यक्रम में भाग लिया और लोगों को गुरु रविदास जी के विचारों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया.
कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक ने कहा कि श्री गुरु रविदास जी ने समाज को समानता, भाईचारे और मानवता का संदेश दिया था. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे गुरु साहिब के बताए रास्ते पर चलें और समाज में प्रेम और एकता को मजबूत करें. मंत्री ने कहा कि गुरु रविदास जी की शिक्षाएं आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं जितनी सदियों पहले थीं. उन्होंने बताया कि प्रकाश पर्व केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि समाज को जोड़ने और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने का अवसर भी है. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग मौजूद रहे.
ਕੈਬਿਨੇਟ ਮੰਤਰੀ @LC_Kataruchak ਨੇ ਸ੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਰਵਿਦਾਸ ਜੀ ਦੇ 650ਵੇਂ ਪ੍ਰਕਾਸ਼ ਪੁਰਬ ਨੂੰ ਸਮਰਪਿਤ ਸਮਾਗਮ 'ਚ ਕੀਤੀ ਸ਼ਿਰਕਤ !!
ਸਭ ਨੂੰ ਗੁਰੂ ਸਾਹਿਬ ਦੇ ਦਰਸਾਏ ਮਾਰਗ 'ਤੇ ਚੱਲਣ ਦਾ ਦਿੱਤਾ ਸੱਦਾ
👉 ਪੰਜਾਬ ਭਰ ਵਿੱਚ ਕਰਵਾਏ ਜਾਣਗੇ ਗੁਰੂ ਸਾਹਿਬ ਜੀ ਦੇ ਪ੍ਰਕਾਸ਼ ਪੁਰਬ ਨੂੰ ਸਮਰਪਿਤ ਸਮਾਗਮ
👉 ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਹਰ ਜ਼ਿਲ੍ਹੇ ਦੇ ਅੰਦਰ… pic.twitter.com/u8aEGLhCUY— AAP Punjab (@AAPPunjab) June 14, 2026Also Read
प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में राज्य सरकार ने पूरे पंजाब में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है. अधिकारियों के अनुसार हर जिले में धार्मिक सभाएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सामाजिक जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी. इन आयोजनों का उद्देश्य युवा पीढ़ी को गुरु रविदास जी के जीवन और उनके संदेश से जोड़ना है. मंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि लोग इस अवसर को केवल उत्सव के रूप में न मनाएं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की प्रेरणा भी लें. इसके लिए स्थानीय संस्थाओं और सामाजिक संगठनों को भी जोड़ा जा रहा है.
प्रकाश पर्व के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण को भी विशेष महत्व दिया गया है. सरकार की योजना के तहत पंजाब के हर जिले में 6.5 लाख पौधे लगाए जाएंगे. मंत्री ने कहा कि यह अभियान गुरु रविदास जी की प्रकृति और मानव कल्याण की सोच से प्रेरित है. पौधारोपण कार्यक्रम में स्कूलों, कॉलेजों, स्वयंसेवी संस्थाओं और आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी. उनका कहना था कि धार्मिक आयोजनों के साथ पर्यावरण संरक्षण को जोड़ने से समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा. सरकार को उम्मीद है कि यह अभियान हरित पंजाब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा.