पंजाब के बठिंडा जिले में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े एक गंभीर मामले का खुलासा हुआ है. पुलिस और काउंटर इंटेलिजेंस की संयुक्त कार्रवाई में ऐसे नेटवर्क का पता चला है जो कथित तौर पर सेना और सुरक्षा बलों की गतिविधियों की निगरानी कर रहा था. जांच में कई अहम तथ्य सामने आए हैं.
जांच एजेंसियों के अनुसार बठिंडा-मलोट रोड पर स्थित एक सरकारी बिजली खंभे पर सोलर ऊर्जा से चलने वाला कैमरा लगाया गया था. इस कैमरे में सक्रिय सिम कार्ड मौजूद था जिससे दूर बैठकर लाइव फुटेज देखी जा सकती थी. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कैमरे का फोकस उन मार्गों पर था जहां से राजस्थान, फाजिल्का और फिरोजपुर सीमा क्षेत्रों की ओर सुरक्षा बलों और सैन्य वाहनों की आवाजाही होती है.
मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और काउंटर इंटेलिजेंस ने तकनीकी साक्ष्यों तथा खुफिया सूचनाओं के आधार पर जांच शुरू की. कार्रवाई के दौरान अमृतसर जिले के अजनाला क्षेत्र से अशोक सिंह को गिरफ्तार किया गया. उससे पूछताछ के बाद अकाशदीप सिंह को भी हिरासत में लिया गया. दोनों आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि नेटवर्क के अन्य पहलुओं का पता लगाया जा सके.
जांच अधिकारियों का मानना है कि एकत्र की गई जानकारी और फुटेज विदेशों में बैठे संदिग्ध तत्वों तक पहुंचाई जा रही थी. पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को नामजद किया है जिनमें से दो अभी फरार हैं. सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क के संभावित अंतरराष्ट्रीय संबंधों की गहराई से जांच कर रही हैं और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है.