नई दिल्ली: करीब 13 वर्ष पुराने डीएवी कॉलेज हिंसा और गोलीकांड मामले में एक बार फिर अदालत की कार्रवाई चर्चा में है. जिला अदालत ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की पेशी सुनिश्चित करने के लिए गुजरात की साबरमती जेल प्रशासन को प्रोडक्शन वारंट जारी किए हैं. पिछली सुनवाई के दौरान बिश्नोई की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी नहीं हो सकी थी, जिसके बाद अदालत ने अगली तारीख के लिए नए निर्देश जारी किए. अब 25 अगस्त को मामले की सुनवाई अहम मानी जा रही है.
शनिवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार की अदालत में मामले की सुनवाई हुई. निर्धारित प्रक्रिया के बावजूद लॉरेंस बिश्नोई की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी नहीं हो सकी. इस पर अदालत ने संज्ञान लेते हुए गुजरात की साबरमती जेल अधीक्षक को प्रोडक्शन वारंट जारी किए और अगली सुनवाई पर आरोपी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेश करने का आदेश दिया.
यह मामला 12 जून 2012 का है. उस दिन सेक्टर-10 स्थित डीएवी कॉलेज में स्टार नाइट कार्यक्रम की तैयारियों के दौरान दो छात्र संगठनों के समर्थकों के बीच विवाद हिंसक झड़प में बदल गया था. आरोप है कि इसी दौरान गोलीबारी भी हुई, जिससे परिसर में अफरा-तफरी मच गई और कई छात्र घायल हुए.
मामले के अनुसार, गोलीबारी में छात्र चरणदेव सिंह घायल हो गए थे. घटना के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सेक्टर-3 थाने में हत्या के प्रयास समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था. जांच के दौरान कई लोगों के बयान दर्ज किए गए और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत पड़ताल की गई.
जांच और अदालत में चली सुनवाई के दौरान वर्ष 2014 में साक्ष्यों के अभाव में चार आरोपियों को बरी कर दिया गया था. हालांकि लॉरेंस बिश्नोई के खिलाफ मामला अलग से जारी रहा. इसी वजह से उनके खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया अब भी जारी है और अदालत समय-समय पर सुनवाई कर रही है.
अब अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अगली सुनवाई पर लॉरेंस बिश्नोई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया जाए. ऐसे में 25 अगस्त को होने वाली सुनवाई इस लंबे समय से लंबित मामले में महत्वपूर्ण मानी जा रही है. अदालत की अगली कार्रवाई पर सभी पक्षों की नजर बनी हुई है.