कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार से लौट रहे श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ने से मेरठ और आसपास के इलाकों में यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है. प्रशासन ने दिल्ली रुड़की हाईवे पर वन वे व्यवस्था लागू कर दी है. कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों का रूट बदला गया है ताकि कांवड़ियों की यात्रा सुरक्षित और सुचारु बनी रहे. पुलिस ने लोगों से यात्रा से पहले नए ट्रैफिक प्लान की जानकारी लेने की अपील की है.
हरिद्वार से दो दिनों में करीब 25 लाख कांवड़ियों के जल लेकर लौटने के बाद दिल्ली रुड़की हाईवे पर दबाव बढ़ गया. इसे देखते हुए पुलिस ने हाईवे पर वन वे व्यवस्था लागू कर दी. हरिद्वार से दिल्ली जाने वाली लेन पर केवल कांवड़ियों का आवागमन कराया जा रहा है, जबकि दूसरी लेन से हल्के वाहनों को दोनों दिशाओं में निकाला जा रहा है.
प्रशासन ने दिल्ली दून इकोनॉमिक कॉरिडोर और गंगा एक्सप्रेसवे को वैकल्पिक मार्ग के रूप में इस्तेमाल करने की व्यवस्था की है. दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा और उत्तराखंड की ओर जाने वाले वाहनों के लिए अलग रूट तय किए गए हैं. भारी वाहनों को भी निर्धारित स्थानों से डायवर्ट किया जा रहा है ताकि हाईवे पर भीड़ कम रहे.
दिल्ली, हापुड़ और गढ़ रोड समेत शहर के कई हिस्सों में भी ट्रैफिक प्लान में बदलाव किया गया है. सोमवार रात से शहर के अंदर भी वन वे व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया गया है. एक तरफ कांवड़ियों का आवागमन रहेगा, जबकि दूसरी तरफ हल्के वाहनों को चलने की अनुमति होगी. जरूरत पड़ने पर आगे भी बदलाव किए जा सकते हैं.
पहले सोमवार को औघड़नाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई. पीएसी, आरएएफ, एटीएस और क्यूआरटी की टीमें तैनात की गईं. इसके अलावा कई पुलिस अधिकारी, दारोगा और बड़ी संख्या में महिला पुलिसकर्मियों की भी ड्यूटी लगाई गई ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.
प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और यात्रा से पहले ट्रैफिक डायवर्जन की जानकारी लेने की अपील की है. अधिकारियों का कहना है कि कांवड़ यात्रा पूरी होने तक यातायात व्यवस्था में समय समय पर बदलाव किए जा सकते हैं. लोगों के सहयोग से ही श्रद्धालुओं की यात्रा और आम नागरिकों की आवाजाही दोनों को सुचारु रखा जा सकेगा.