कोप्पल जिले के अगलकैरा गांव में 22 सितंबर को 16 वर्षीय जयश्री चालावड़ी की अचानक तबीयत बिगड़ गई. जयश्री 10वीं कक्षा में पढ़ती थी. उस समय वह घर पर ही थी. परिवार को उसकी हालत बिगड़ने की जानकारी मिलने के बाद परिजन उसे तत्काल इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे.
पहले जयश्री को हिटनाल के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया. हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे कोप्पल जिला अस्पताल रेफर कर दिया. यहां चिकित्सकों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन रात करीब 8:45 बजे डॉक्टरों ने उसकी मौत की पुष्टि कर दी. इसके बाद परिवार में मातम छा गया.
पुलिस के अनुसार, शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि जयश्री के माता-पिता उसे डांस करने से मना करते थे. बताया जा रहा है कि इसी बात को लेकर वह परेशान थी. पुलिस ने फिलहाल इसे मौत से जुड़ा एक संभावित पहलू माना है. हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि छात्रा की मौत की पूरी वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी. बताया गया है कि घटना 22 सितंबर को दोपहर करीब 3 बजे से शाम 7 बजे के बीच की है. इसी दौरान घर में जयश्री की हालत बिगड़ने की बात सामने आई.
जयश्री के पिता 38 वर्षीय लक्ष्मण चालावड़ी दिहाड़ी मजदूर हैं. उन्होंने घटना के बाद मुनीराबाद पुलिस से संपर्क कर पूरी जानकारी दी. परिवार की ओर से पुलिस को बताया गया कि उन्हें जयश्री की मौत के मामले में किसी व्यक्ति पर शक नहीं है. पुलिस ने परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए हैं और घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है. जरूरत के अनुसार पुलिस अन्य लोगों से भी पूछताछ कर सकती है.
मुनीराबाद पुलिस ने मामले में अप्राकृतिक मौत की रिपोर्ट यानी यूडीआर दर्ज की है. यह मामला **यूडीआर नंबर 44/2026** के तहत दर्ज किया गया है. पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 194 के तहत कार्रवाई शुरू की है. फिलहाल पुलिस जयश्री की मौत से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है. मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा.