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Inspiring Journey: 25 लाख के कर्ज ने तोड़ दिया था हौसला, पिता के एक ताने ने बदल दी जिंदगी; नौकरी छोड़ चुना दिल का रास्ता

कभी कभी जिंदगी की सबसे कड़वी बात ही सबसे बड़ी प्रेरणा बन जाती है. यह कहानी है अंकुश लांबा की, जो इंजीनियरिंग के दौरान गलत संगत में पड़कर 25 लाख रुपये के कर्ज में डूब गए थे.

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Edited By: Reepu Kumari
Inspiring Journey: 25 लाख के कर्ज ने तोड़ दिया था हौसला, पिता के एक ताने ने बदल दी जिंदगी; नौकरी छोड़ चुना दिल का रास्ता
Courtesy: instagram.com/ankushlamba411

Ankush Lamba Inspiring Journey: जिंदगी में कुछ पल ऐसे आते हैं जो पूरी दिशा ही बदल देते हैं. अंकुश लांबा के लिए वह पल तब आया जब कर्ज में डूबे होने की सच्चाई सामने आने पर उनके पिता ने गुस्से और दुख में कह दिया कि उसने घरवालों को जीते जी मार डाला है और अब कुछ नहीं कर सकता. यह बात सुनकर टूटने की बजाय अंकुश ने इसे ही अपनी सबसे बड़ी प्रेरणा बना लिया.

आज वही अंकुश हजारों छात्रों को पढ़ा रहे हैं और उन्हें अपने सपनों की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं. उनकी कहानी बताती है कि जीवन में गलतियां हो जाना बुरा नहीं, बुरा है उनसे उबरने की कोशिश न करना.

कॉलेज के दिनों में भटक गई थी राह

अंकुश ने रोंगटा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी से पढ़ाई की थी. शुरुआती दिनों में प्रदर्शन अच्छा था, लेकिन दूसरे साल में तबीयत बिगड़ने और गलत संगत के चलते वह पढ़ाई से भटकने लगे. यही वह दौर था जब उनकी बैक लगनी शुरू हुईं और जिंदगी की सबसे मुश्किल घड़ी शुरू हो गई, जिससे निकल पाना आसान नहीं था.

कर्ज में डूबे, परिवार की बचत भी गई

गलत आदतों ने उन्हें धीरे धीरे 25 लाख रुपये के भारी कर्ज में उलझा दिया. हालात इतने बिगड़े कि बहन की एफडी और माता पिता की जमा पूंजी तक इसमें चली गई. जब पिता को यह सच्चाई पता चली, तो उनके गुस्से और निराशा भरे शब्दों ने अंकुश को अंदर तक झकझोर दिया, लेकिन यही झकझोरना आगे चलकर उनकी सबसे बड़ी ताकत बना.

पिता की बात से मिली हिम्मत, बने बैंक PO

पिता की तीखी बातों ने अंकुश के अंदर खुद को साबित करने की जिद पैदा कर दी. शुरुआती झिझक के बाद पिता ने उनकी मेहनत को देखा और कोचिंग की फीस भरी. कड़ी मेहनत रंग लाई और अंकुश ने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक में PO पद पर अपनी पहली सरकारी नौकरी हासिल कर ली.

पैशन के लिए छोड़ी सरकारी नौकरी

सरकारी नौकरी मिलने के बावजूद अंकुश को अंदर से संतुष्टि नहीं मिल रही थी, क्योंकि उनका असली रुझान टीचिंग की तरफ था. एक बड़े संस्थान से मौका मिलते ही उन्होंने समाज की नजर में प्रतिष्ठित सरकारी नौकरी छोड़कर अपने जुनून को चुना. आज वह टॉप रीजनिंग एजुकेटर के रूप में पहचान बना चुके हैं, पिता का कर्ज चुका चुके हैं और अपने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए हजारों छात्रों को बैंकिंग परीक्षाओं में सफलता दिला चुके हैं.