कोलकाता: कोलकाता के एक पिता का अपनी बेटी के लिए किया गया छोटा सा प्रयास सोशल मीडिया पर लोगों का दिल जीत रहा है. अपनी बेटी के पहली बार बेंगलुरु जाने से पहले उसके रहने की सुरक्षित जगह तलाशने के लिए उन्होंने अनजान लोगों तक से मदद मांगी. उनका यह भावुक संदेश अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
यह पोस्ट एक्स यूजर सिमरिधि ने साझा की. उन्होंने इंस्टाग्राम पर मिले एक डायरेक्ट मैसेज का स्क्रीनशॉट पोस्ट किया, जिसमें एक व्यक्ति ने अपनी बेटी के लिए बेंगलुरु में किराये का कमरा ढूंढने में मदद मांगी थी.
Smash patriarchy all you want.
— sim.eth (@Simridhi_) July 16, 2026
But this is how a father takes care of his daughter.
P.S: A random Instagram DM I received (prolly a father who is just taking every short possible to get a place for his daughter in Bangalore). 🥹❤️ pic.twitter.com/AgmH0VAcUo
मैसेज में उस व्यक्ति ने अपना परिचय प्रकाश के रूप में दिया और लिखा कि वह कोलकाता से हैं. उन्होंने विनम्रता से कहा कि उनकी बेटी पहली बार बेंगलुरु आ रही है और उसके लिए एक सिंगल रूम किराये पर चाहिए. उन्होंने पूछा कि क्या इस मामले में कोई मदद मिल सकती है.
बताया गया कि पिता और जिस महिला को उन्होंने संदेश भेजा था, उनके बीच पहले से कोई परिचय नहीं था. इसके बावजूद उन्होंने उम्मीद में एक अनजान व्यक्ति से भी संपर्क किया, ताकि बेटी के नए शहर में पहुंचने से पहले उसके रहने की व्यवस्था हो सके.
स्क्रीनशॉट साझा करते हुए सिमरिधि ने लिखा कि लोग चाहे समाज में बराबरी की कितनी भी बात करें, लेकिन एक पिता अपनी बेटी की देखभाल इसी तरह करता है. बाद में उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह शायद एक ऐसे पिता का संदेश था जो अपनी बेटी के लिए हर संभव कोशिश कर रहा था.
पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर हजारों लोगों ने इस भावनात्मक पहल की सराहना की. कई लोगों ने कहा कि यह संदेश उन चिंताओं को दर्शाता है जो माता पिता अपने बच्चों के पहली बार घर से दूर जाने पर महसूस करते हैं.
कई यूजर्स ने लिखा कि पिता का यह प्रयास बेहद संवेदनशील और जिम्मेदारी से भरा हुआ है. उन्होंने कहा कि बेटी की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव रास्ता अपनाना एक पिता के स्नेह को दिखाता है.
कुछ लोगों ने इसे बेहद दिल छू लेने वाली घटना बताया. उनका कहना था कि जब बच्चे पढ़ाई या नौकरी के लिए दूसरे शहर जाते हैं तो माता पिता की चिंता स्वाभाविक होती है. ऐसे छोटे छोटे प्रयास उनके प्यार और जिम्मेदारी का सबसे सुंदर उदाहरण हैं.