menu-icon
India Daily

जिसे तलाश रही थीं कई राज्यों की पुलिस, झारखंड पुलिस धर दबोचा; गिरफ्तार हुआ 25 लाख का नामचीन नक्सली अजय महतो

झारखंड पुलिस ने 25 लाख रुपये के इनामी माओवादी अजय महतो को गिरिडीह से गिरफ्तार किया है. उसके साथ दो अन्य नक्सली भी पकड़े गए हैं. इस कार्रवाई को नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
जिसे तलाश रही थीं कई राज्यों की पुलिस, झारखंड पुलिस धर दबोचा; गिरफ्तार हुआ 25 लाख का नामचीन नक्सली अजय महतो
Courtesy: AI

झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान के बीच सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है. गिरिडीह पुलिस ने प्रतिबंधित भाकपा माओवादी संगठन के 25 लाख रुपये के इनामी सदस्य अजय महतो उर्फ टाइगर उर्फ बासुदेव को गिरफ्तार कर लिया है. लंबे समय से फरार चल रहा यह नक्सली सुरक्षा एजेंसियों की सूची में सबसे वांछित अपराधियों में शामिल था. पुलिस का मानना है कि इस गिरफ्तारी से संगठन की गतिविधियों को बड़ा झटका लगेगा.

गुप्त सूचना पर चला अभियान

पुलिस को अजय महतो के हरलाडीह क्षेत्र में छिपे होने की जानकारी मिली थी. इसके बाद गिरिडीह के पुलिस अधीक्षक डॉ बिमल कुमार के निर्देश पर विशेष टीम बनाई गई. अभियान के दौरान जिस घर में वह छिपा हुआ था, वहां से उसे गिरफ्तार कर लिया गया. कार्यवाही में उसके साथ दो अन्य नक्सलियों को भी हिरासत में लिया गया. मौके से हथियार और गोला बारूद भी बरामद किए गए.

मिसिर बेसरा का करीबी माना जाता है

अजय महतो को शीर्ष माओवादी नेता और एक करोड़ रुपये के इनामी मिसिर बेसरा का बेहद करीबी माना जाता है. संगठन की गतिविधियों को संचालित करने और लेवी नेटवर्क मजबूत करने में उसकी अहम भूमिका बताई जाती रही है. पुलिस का कहना है कि अब अभियान का अगला लक्ष्य मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी है.

कई राज्यों में दर्ज हैं मामले

अजय महतो मूल रूप से गिरिडीह जिले के पीरटांड क्षेत्र का रहने वाला है. उसके खिलाफ झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़ और ओडिशा समेत कई राज्यों में 240 से अधिक मामले दर्ज बताए जाते हैं. इनमें पुलिस पर हमले, आईईडी विस्फोट, रंगदारी और वसूली जैसी गंभीर घटनाएं शामिल हैं. कई राज्यों की पुलिस भी लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी.

पुराने चर्चित मामलों से भी जुड़ा नाम

साल 2012 में मधुबन स्थित दिगंबर जैन तीर्थ क्षेत्र कमेटी के तत्कालीन महाप्रबंधक पीसी शर्मा की हत्या के मामले में भी अजय महतो का नाम सामने आया था. इसके बाद वह लगातार सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में रहा. उसकी गिरफ्तारी को नक्सली नेटवर्क के खिलाफ महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है.

नक्सल अभियान को मिली नई मजबूती

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अजय महतो से पूछताछ के दौरान संगठन के नेटवर्क और अन्य सक्रिय नक्सलियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है. सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस कार्रवाई से क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों पर प्रभाव पड़ेगा और आगे के अभियान को नई मजबूती मिलेगी.