नैनीताल: मानसून के मौसम में भी नैनीताल अब सैलानियों से भर रहा है. पहले की तरह ऑफ सीजन में सूना पड़ा रहने वाला यह खूबसूरत शहर अब हर दिन पर्यटकों की चहल-पहल से गुलजार रहता है.
पिछले दो वीकेंड में ही नैनीताल में 12 हजार से ज्यादा पर्यटक पहुंच चुके हैं. औसतन रोजाना दो हजार से अधिक सैलानी नगर भ्रमण के लिए आ रहे हैं. मानसून की हल्की-हल्की बारिश और ठंडी हवाओं के बीच नैनीताल की प्राकृतिक सुंदरता का मजा लेने वाले पर्यटक अब बिना रुके आ रहे हैं.
कुछ साल पहले की बात करें तो जुलाई-अगस्त में भारी बारिश के कारण पर्यटन सीजन पूरी तरह ठप हो जाता था. नौकायन बंद रहता, होटल और दुकानें 70 प्रतिशत तक बंद हो जाती थीं. मालरोड और अन्य पर्यटन स्थलों पर सन्नाटा पसरा रहता था. स्थानीय लोग भी मुश्किल से बाहर निकलते थे. यह स्थिति सितंबर तक चलती थी. लेकिन पिछले करीब 15 वर्षों में स्थिति पूरी तरह बदल गई है. अब मानसून में भी लोग नैनीताल घूमने आ रहे हैं. खासकर वीकेंड पर पर्यटकों की संख्या बहुत ज्यादा रहती है. बीच के दिनों में भी रोजाना एक हजार से अधिक सैलानी पहुंच रहे हैं.
मानसून में नैनीताल की खूबसूरती और निखर जाती है. हरी-भरी पहाड़ियां, बादलों से घिरा नैनताल झील और ठंडी फुहारें पर्यटकों को आकर्षित कर रही हैं. लोग अब बारिश का मजा लेते हुए भी यहां घूमने को तैयार हैं. अच्छी सड़कें, बेहतर होटल सुविधाएं और सोशल मीडिया पर नैनीताल की तस्वीरों का चलन भी इस बढ़ते ट्रेंड की एक वजह है.
पर्यटन से जुड़े व्यापारी भी इस बदलाव से खुश हैं. पहले ऑफ सीजन में उनका कारोबार बहुत कम हो जाता था, लेकिन अब साल भर अच्छी आमदनी हो रही है. होटल, रेस्तरां, नाव संचालक और दुकानदारों को फायदा हो रहा है.
पर्यटन विभाग और स्थानीय प्रशासन भी ऑफ सीजन में पर्यटन बढ़ाने के लिए प्रयास कर रहे हैं. बेहतर प्रचार-प्रसार, सुविधाओं में सुधार और सुरक्षा व्यवस्था ने पर्यटकों का विश्वास बढ़ाया है. नैनीताल अब सिर्फ गर्मियों और शरद ऋतु तक सीमित नहीं रहा. पूरे साल सैलानियों की आमद बनी रहती है. इस बदलाव से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है और रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं.