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निवेशकों की नजर HCL Tech पर, 10,830 करोड़ की डील ने बदल दी तस्वीर

एचसीएल टेक्नोलॉजीज ने एक यूरोपीय फॉर्च्यून ग्लोबल 50 कंपनी के साथ करीब 10,830 करोड़ रुपये की एआई आधारित साझेदारी की है. इस खबर के बाद कंपनी के शेयरों में जोरदार तेजी देखी गई और निवेशकों का उत्साह बढ़ा.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
निवेशकों की नजर HCL Tech पर, 10,830 करोड़ की डील ने बदल दी तस्वीर
Courtesy: ai generated

भारतीय आईटी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी एचसीएल टेक्नोलॉजीज एक बार फिर चर्चा में है. कंपनी ने यूरोप की एक फॉर्च्यून ग्लोबल 50 कंपनी के साथ बड़ी रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है, जिसके बाद बाजार में इसके शेयरों ने मजबूत प्रदर्शन किया. यह समझौता आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डिजिटल समाधान विकसित करने से जुड़ा है. निवेशकों ने इस खबर का सकारात्मक स्वागत किया, जिसके चलते शेयर कारोबार के दौरान तेज उछाल के साथ ऊंचे स्तर पर पहुंच गया. इस डील को कंपनी के लिए महत्वपूर्ण कारोबारी उपलब्धि माना जा रहा है.

एआई आधारित साझेदारी से बढ़ी बाजार की उम्मीदें

एचसीएल टेक्नोलॉजीज द्वारा घोषित नई साझेदारी ने बाजार का ध्यान अपनी ओर खींचा है. कंपनी ने जानकारी दी है कि वह एक यूरोपीय फॉर्च्यून ग्लोबल 50 कंपनी के लिए एआई आधारित डिजिटल वर्कप्लेस और एंटरप्राइज नेटवर्क ऑपरेटिंग मॉडल विकसित करेगी. इस समझौते का उद्देश्य आधुनिक तकनीकों के जरिए कारोबारी प्रक्रियाओं को अधिक कुशल और प्रभावी बनाना है. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की बड़ी अंतरराष्ट्रीय डील भविष्य में कंपनी की आय और वैश्विक उपस्थिति को मजबूत कर सकती है. इसी उम्मीद के चलते निवेशकों ने शेयर में खरीदारी बढ़ाई, जिससे इसके भाव में तेज उछाल दर्ज किया गया.

छह साल तक चलेगा समझौता

कंपनी द्वारा शेयर बाजार को दी गई जानकारी के अनुसार यह अनुबंध जुलाई 2026 से दिसंबर 2031 तक प्रभावी रहेगा. इसके अलावा दोनों पक्षों के पास आपसी सहमति से इसे अगले पांच वर्षों तक बढ़ाने का विकल्प भी मौजूद रहेगा. इस लंबी अवधि की साझेदारी को एचसीएल टेक्नोलॉजीज के लिए स्थिर राजस्व का महत्वपूर्ण स्रोत माना जा रहा है. कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह अनुबंध पूरी तरह नया कारोबार लेकर आया है, जिससे भविष्य में उसके डिजिटल और एआई पोर्टफोलियो को और मजबूती मिलने की संभावना है.

10,830 करोड़ रुपये की अनुमानित वैल्यू

इस समझौते की अनुमानित कीमत 114 करोड़ डॉलर बताई गई है, जो मौजूदा विनिमय दर के आधार पर लगभग 10,830 करोड़ रुपये के बराबर है. इतनी बड़ी डील का असर सीधे निवेशकों की धारणा पर पड़ा और कारोबार शुरू होते ही कंपनी के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली। शुरुआती सत्र में शेयर करीब 6 प्रतिशत तक चढ़ गया. हालांकि पिछले कुछ महीनों में कंपनी के शेयर दबाव में रहे थे, लेकिन इस नई घोषणा ने बाजार में सकारात्मक माहौल पैदा किया है.

अधिग्रहण और शेयर प्रदर्शन पर भी नजर

नई डील के अलावा एचसीएल टेक्नोलॉजीज ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अपनी सॉफ्टवेयर इकाई के जरिए जैस्परसॉफ्ट के अधिग्रहण को पूरा किया है. यह अधिग्रहण 2 जुलाई 2026 को पूरा हुआ और इसे 1 जुलाई से प्रभावी माना गया है. कंपनी में प्रमोटरों की हिस्सेदारी 60.86 प्रतिशत है, जबकि विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों की हिस्सेदारी भी मजबूत बनी हुई है. हालांकि पिछले एक वर्ष और दो वर्षों के दौरान शेयर में गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन ताजा एआई डील ने निवेशकों के बीच नई उम्मीद जगाई है और बाजार अब कंपनी के आगामी प्रदर्शन पर नजर बनाए हुए है.

नोट- यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से लिखा गया है. इसे निवेश सलाह या शेयर खरीदने-बेचने की सिफारिश के रूप में न लें. शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है. किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें.