धनबाद की जनता मार्केट को लेकर लंबे समय से बनी अनिश्चितता अब खत्म होती नजर आ रही है. हाईकोर्ट के आदेश के बाद जहां दुकानदारों को बाजार टूटने का डर सता रहा था, वहीं अब झारखंड राज्य आवास बोर्ड के नए फैसले ने राहत की उम्मीद जगा दी है.
बोर्ड ने दुकानदारों को 30 साल की लीज पर दुकानें देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. हालांकि किराया किस अवधि से लिया जाएगा और लीज कब से लागू होगी, इस पर अंतिम निर्णय अभी होना बाकी है.
झारखंड राज्य आवास बोर्ड ने जनता मार्केट के दुकानदारों को बड़ी राहत देते हुए दुकानों को 30 साल की लीज पर देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इस फैसले के बाद बाजार को तत्काल तोड़े जाने की आशंका काफी हद तक कम हो गई है. इससे सालों से कारोबार कर रहे व्यापारियों में राहत और उत्साह का माहौल है.
आवास बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार फिलहाल इस बात पर विचार चल रहा है कि दुकानदारों से किराया वर्ष 2012 से लिया जाएगा या 2016 से. साथ ही यह भी तय किया जाना बाकी है कि लीज वर्तमान समय से प्रभावी होगी या किराया लागू होने की तिथि से. अंतिम आदेश रांची स्थित मुख्यालय से जारी किया जाएगा.
प्रभारी कार्यपालक अभियंता खुश्बू कुमारी गुप्ता ने बताया कि दुकानों के लीज आवंटन की प्रक्रिया जारी है. उन्होंने कहा कि किराया और लीज की प्रभावी तिथि को लेकर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है. जैसे ही उच्च स्तर से निर्देश प्राप्त होंगे, उसी के अनुसार आगे की कार्यवाही की जाएगी.
जनता मार्केट को पहले जर्जर घोषित किया जा चुका है और हाईकोर्ट से इसे हटाने के आदेश भी मिले थे. पिछले वर्ष जब कार्यवाही की तैयारी हुई थी, तब कई दुकानदारों ने अपनी दुकानें खाली कर दी थीं. बाद में व्यापारियों के विरोध और जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद कार्रवाई रोक दी गई थी.
झारखंड के कई शहरों में सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए लगातार बुलडोजर अभियान चलाया जा रहा है. प्रशासन का कहना है कि अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी. हालांकि जनता मार्केट के मामले में लीज देने के फैसले ने दुकानदारों को राहत देते हुए उनके कारोबार को फिलहाल सुरक्षित कर दिया है.