हरियाणा पुलिस नेतृत्व में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है. राज्य के डीजीपी पद से आईपीएस अधिकारी शत्रुजीत कपूर को हटा दिया गया है. खास बात यह है कि आज ही उनकी दो महीने की छुट्टी समाप्त हुई थी. सरकार ने उन्हें हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन का चेयरमैन नियुक्त किया है. वहीं, ओपी सिंह अगले आदेश तक कार्यवाहक डीजीपी की जिम्मेदारी संभालते रहेंगे. इस फैसले को हालिया विवादों और आगामी सेवानिवृत्ति से जोड़कर देखा जा रहा है.
शत्रुजीत कपूर को औपचारिक रूप से डीजीपी पद से हटा दिया गया है. सरकार के आदेश के अनुसार, अब वे हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन के चेयरमैन के रूप में काम करेंगे. प्रशासनिक हलकों में यह फैसला लंबे समय से चल रही चर्चाओं के बाद लिया गया माना जा रहा है.
The Haryana Government issued orders for the posting and transfer of senior IPS officers, appointing Om Prakash Singh as the officiating Director General of Police (DGP) of the state.
— ANI (@ANI) December 14, 2025
Shatrujeet Singh Kapur, who was serving as Director General of Police, Haryana, along with the… pic.twitter.com/9A2fKMffcM
वर्तमान में ओपी सिंह हरियाणा के कार्यवाहक डीजीपी बने रहेंगे. सरकार ने स्पष्ट किया है कि अगले आदेश तक वही इस जिम्मेदारी को निभाएंगे. ओपी सिंह 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने वाले हैं, जिसके बाद राज्य को नया स्थायी डीजीपी मिलने की संभावना है.
शत्रुजीत कपूर को हटाए जाने के बाद नए डीजीपी के चयन का रास्ता साफ हो गया है. हरियाणा सरकार जल्द ही यूपीएससी को नया पैनल भेजेगी. माना जा रहा है कि 31 दिसंबर के बाद राज्य को नया डीजीपी मिल जाएगा, जिससे पुलिस प्रशासन में स्थायित्व आएगा.
आईपीएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार की आत्महत्या के बाद शत्रुजीत कपूर विवादों में घिर गए थे. पूरन कुमार ने चंडीगढ़ में अपनी सर्विस रिवॉल्वर से आत्महत्या की थी. उनके सुसाइड नोट में मानसिक उत्पीड़न, जातिगत भेदभाव और करियर बर्बाद करने जैसे आरोप लगाए गए थे, जिनमें कपूर का नाम भी शामिल था.
1990 बैच के आईपीएस अधिकारी शत्रुजीत सिंह कपूर का जन्म 21 अक्टूबर 1966 को हरियाणा के जींद में हुआ. उन्होंने एनआईटी कुरुक्षेत्र से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया. अपने करियर में उन्होंने सीबीआई और संयुक्त राष्ट्र मिशन जैसे महत्वपूर्ण दायित्व भी निभाए हैं.