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'ओलिंपिक मेडल लाने का सपना पूरा होगा...' विनेश फोगाट के यू-टर्न से खुश हैं ताऊ और गुरु महावीर फोगाट

 भारत की पूर्व ओलंपियन पहलवान विनेश फोगाट ने लगभग एक साल पहले ही पहलवानी को अलविदा कर दिया था. लेकिन अब फोगाट ने अपने फैसले से यूर्टन ले लिया है. अब उनके ताऊ और गुरु महावीर फोगाट ने उनके इस फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने विनेश के इस फैसले को सही ठहराया है. 

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
'ओलिंपिक मेडल लाने का सपना पूरा होगा...' विनेश फोगाट के यू-टर्न से खुश हैं ताऊ और गुरु महावीर फोगाट
Courtesy: India Daily

चरखी दादरी: भारत की पूर्व ओलंपियन पहलवान विनेश फोगाट ने लगभग एक साल पहले ही पहलवानी को अलविदा कर दिया था. लेकिन अब फोगाट ने अपने फैसले से यूर्टन ले लिया है. 

अब उन्होंने फिर से खेलने का मन बना लिया है, विनेश फोगाट के इस फैसले का फैंस ने खुले दिल से स्वागत किया है. अब उनके ताऊ और गुरु महावीर फोगाट ने उनके इस फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने विनेश के इस फैसले को सही ठहराया है. 

विनेश फोगाट ने कही बड़ी बात 

बता दें विनेश फोगाट ने हाल ही में एक अपना संन्यास वापस ले लिया है. इस फैसले पर अब विनेश के प्रारंभिक कोच एवं ताऊ द्रोणाचार्य अवार्डी महावीर फोगाट ने अपनी बात रखी है. उन्होंने विनेश के इस फैसले को बिलकुल सही ठहराया है. साथ उन्होंने विनेश से पदक जीतने की उम्मीद भी जताई है. 

महावीर ने कहा कि विनेश के पास ओलंपिक का लंबा अनुभव है जोकि उनके काम आएगा. साथ ही वह पदक जीतने के सपने को भी पूरा कर सकती हैं. विनेश का ओलंपिक में पदक जीतने का सपना अधूरा रह गया था जिसे वह अब पूरा कर सकती है. महिला कुश्ती को एक नया आयाम दे सकती हैं.

3 बार ओलंपिक में कर चुकी हैं भारत का प्रतिनिधित्व

फोगाट सिस्टर्स ने पहलवानी में भारत का नाम कई बार उंचा किया है. बता दें विनेश ने भी भारत का नाम पहलवानी में खूब रौशन किया है. उन्होंने 3 बार ओलंपिक  में भारत का प्रतिनिधत्व किया है.

3 साल पहले ही शुरु कर दी तैयारी 

बता दें ओलंपिक करीब 3 साल बाद शुरु होने वाला है. इसके लिए विनेश फोगाट ने अभी से ही पसीना बहाना शुरू कर दिया है. अर्थात उन्होंने अभी से ही ओलंपिक के लिए तैयारी शुरु कर दी है. वह तैयारी के लिए हैदराबाद गई हैं. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 2024 पेरिस ओलंपिक में उन्हें 100 ग्राम वजन अधिक होने के कारण गोल्ड मेडल से वंचित रह गई थी.