शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने सोमवार को पाकिस्तान द्वारा टी20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ मैच का वायकॉट करने को लेकर कहा कि यह केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मंडाविया के मुंह पर एक तमाचा है.
मीडिया से बातचीत में प्रियंका चतुर्वेदी ने स्पष्ट रुख न अपनाने पर जोर दिया और कहा कि पाकिस्तान भले ही IMF और विश्व बैंक से ऋण लेकर जुर्माना चुकाएगा लेकिन इसके बावजूद उसने BCCI के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है जबकि भारत इस मामले में पीछे रह गया.
प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, 'वे (पाकिस्तान) जुर्माना भरने को तैयार हैं, वे सभी खेल निकायों के परिणामों का सामना करने को तैयार हैं जिनकी हमारे खेल मंत्री ने बात की. यह भारत के खेल मंत्री के मुंह पर तमाचा है. आईसीसी में बीसीसीआई के सबसे अमीर निकाय होने के बावजूद उन्होंने भारत का बायकॉट कर दिया लेकिन भारत कोई कदम नहीं उठा सका जोकि उसे उठाना चाहिए.'
#WATCH | On Pakistan to boycott its match against India in the ICC Men’s T20 World Cup 2026, Shiv Sena (UBT) MP Priyanka Chaturvedi says, "...We had all repeatedly told the BCCI to call off the matches earlier. Under the garb of commitment, excuses were made to go ahead and play… pic.twitter.com/jFYL3qhgB4
— ANI (@ANI) February 2, 2026
शिवसेना नेता ने कहा कि मुझे यकीन है कि वे आईएमएफ और विश्व बैंक से लोन लेने के लिए जुर्माना भरते हों लेकिन उन्होंने एक फैसला लिया और भारत पीछे रह गया.
वहीं समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने कहा कि भारत ने पाकिस्तान को मौका देकर गलती की है. उन्होंने कहा कि, 'यह हमारी गलती थी कि हमने पाकिस्तान को मौका दिया जहां उसने हमें नीचा दिखाया. मेरा मानना है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद एक कठोर फैसला लिया जाना चाहिए था. एक कदम आगे, दो कमद पीछे यही इस सरकार की विदेश नीति है.'
बता दें कि पाकिस्तान ने 15 फरवरी को होने वाले आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ ग्रुप-स्टेज के मैच खेलने से इनकार कर दिया है. पाकिस्तान के इनकार करने के कुछ घंटों बाद आईसीसी ने कहा कि चुनिंदा भागीदारी वैश्विक खेल आयोजनों के मूल सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है. हम उम्मीद करते हैं कि पीसीबी सभी हितधारकों की रक्षा करने वाला पारस्परिक स्वीकार्य समाधान निकालेगा.