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India Daily

फरीदाबाद में 250 फीट गहरे बोरवेल में गिरी 3 साल की बच्ची, 10 घंटे बाद भी नहीं बची जान

फरीदाबाद के सीही गांव में खेलते समय तीन वर्षीय बच्ची 250 फीट गहरे बोरवेल में गिर गई. करीब 10 घंटे के बचाव अभियान के बाद उसे बाहर निकाला गया, जिसके बाद से इलाके में हड़कंप मच गया है.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
फरीदाबाद में 250 फीट गहरे बोरवेल में गिरी 3 साल की बच्ची, 10 घंटे बाद भी नहीं बची जान
Courtesy: Social Media

फरीदाबाद के सीही गांव में रविवार शाम एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया. तीन साल की नेहा खेलते समय करीब 250 फीट गहरे बोरवेल में गिर गई. सूचना मिलते ही NDRF और SDRF समेत कई एजेंसियों ने बचाव अभियान शुरू किया. करीब 10 घंटे की मशक्कत के बाद सोमवार सुबह बच्ची को बाहर निकाला गया. हालांकि, उसमें कोई हलचल नहीं थी. उसे तुरंत निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

खेलते समय बोरवेल में गिरी बच्ची

हादसा रविवार शाम सीही गांव में हुआ. बताया गया कि पास में एक ट्रैक्टर खड़ा था और कई बच्चे खेलते हुए उस पर चढ़ गए थे. इसी दौरान नेहा के फिसलकर बोरवेल में गिरने की बात सामने आई. पास मौजूद बच्चों ने शोर मचाया, जिसके बाद ग्रामीण और परिवार के लोग मौके पर पहुंचे. बच्ची के पिता रामदीन उस समय काम पर थे. उन्हें ग्रामीणों से घटना की जानकारी मिली.

अंधेरे में भी जारी रहा बचाव अभियान

सूचना मिलने के बाद NDRF और SDRF की टीमों ने मोर्चा संभाला. अंधेरा होने के कारण अभियान में मुश्किल आई, इसलिए बोरवेल के आसपास रोशनी की व्यवस्था की गई. स्थिति जानने के लिए कैमरा भी अंदर उतारा गया. बचाव दल को अभियान के दौरान बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी. एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट कुणाल तिवारी के मुताबिक टीम रात 9.05 बजे घटनास्थल पहुंची और कई एजेंसियों की मदद से अभियान चलाया गया.

सुबह 3.50 बजे बाहर निकाली गई

बचाव दल ने करीब 3.50 बजे बच्ची को बोरवेल से बाहर निकाला और तत्काल चिकित्सा सहायता के लिए भेजा. अधिकारियों के अनुसार, बाहर निकालते समय उसके शरीर में कोई हलचल नहीं थी. उसे निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. अब बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा. पिता रामदीन के अनुसार, बोरवेल नगर निगम की जमीन पर बना था और करीब 15 वर्षों से बंद पड़ा था.

कुछ दिन पहले हटाया गया था ढक्कन

रामदीन ने बताया कि यह बोरवेल फरीदाबाद नगर निगम का था. उनका दावा है कि घटना से कुछ दिन पहले ही बोरवेल का ढक्कन हटाया गया था. परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मैनपुरी का रहने वाला है और रामदीन मजदूरी करते हैं. इससे पहले जुलाई में अंबाला में भी 220 फीट गहरे खुले बोरवेल में चार वर्षीय निर्वैर सिंह गिर गया था. करीब 21 घंटे के अभियान के बाद उसे बाहर निकाला गया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी.