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India Daily

8 गोल से बनाया रिकॉर्ड, फिर हैट्रिक; दीपिका ने एशियन गेम्स में रचा इतिहास

एशियन गेम्स में हिसार की महिला खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन देखने को मिल रहा है. भारतीय महिला हॉकी टीम की दीपिका सहरावत ने उज्बेकिस्तान के खिलाफ आठ गोल दागने के बाद इंडोनेशिया के खिलाफ हैट्रिक लगाई और टूर्नामेंट में अपने गोलों की संख्या 11 कर ली.

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Edited By: Babli Rautela
8 गोल से बनाया रिकॉर्ड, फिर हैट्रिक; दीपिका ने एशियन गेम्स में रचा इतिहास
Courtesy: Social Media

एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के बीच हिसार की बेटियों ने भी अपनी प्रतिभा का दम दिखाया है. भारतीय महिला हॉकी टीम की दीपिका सहरावत ने गोलों की झड़ी लगाकर खास पहचान बनाई है. वहीं कबड्डी में हिसार की मनीषा ने डिफेंस की जिम्मेदारी संभाली, जबकि निकिता नैन भी भारतीय सीनियर टीम का हिस्सा हैं. दीपिका ने पहले उज्बेकिस्तान के खिलाफ एक ही मुकाबले में आठ गोल दागे और इसके बाद इंडोनेशिया के खिलाफ लगातार दूसरे मैच में तीन गोल करते हुए हैट्रिक पूरी की. इस तरह टूर्नामेंट में उनके नाम 11 गोल हो चुके हैं.

उज्बेकिस्तान के खिलाफ दीपिका ने दागे आठ गोल

भारतीय महिला हॉकी टीम ने उज्बेकिस्तान को 19-0 से हराया. इस मुकाबले में दीपिका सहरावत ने अकेले आठ गोल किए. इस शानदार प्रदर्शन के साथ उन्होंने अपना ही पिछला रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया. इससे पहले साल 2024 में थाईलैंड के खिलाफ दीपिका ने पांच गोल किए थे. अब उज्बेकिस्तान के खिलाफ आठ गोल कर उन्होंने अपने प्रदर्शन का नया स्तर तय किया.

दीपिका ने बताया कि मैच की शुरुआत में उन्हें अपने गोलों की संख्या का अंदाजा था. शुरुआती तीन-चार गोल के बाद उनका पूरा ध्यान टीम के खेल पर चला गया. मैच खत्म होने के बाद उन्हें पता चला कि उन्होंने कुल आठ गोल कर दिए हैं. दीपिका ने इस उपलब्धि का श्रेय पूरी टीम को दिया. उनके मुताबिक टीम के साथियों के सहयोग के बिना यह प्रदर्शन संभव नहीं होता.

गोल्ड मेडल पर दीपिका की नजर

रिकॉर्ड प्रदर्शन के बावजूद दीपिका का ध्यान सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि पर नहीं है. उनका लक्ष्य भारतीय टीम के साथ गोल्ड मेडल जीतना है. उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड बनना खुशी की बात है, लेकिन टीम की प्राथमिकता स्वर्ण पदक हासिल करना है. वह आगे होने वाले मुकाबलों में भी भारतीय टीम के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करेंगी.

दीपिका के करियर में संघर्ष भी रहा है. एशिया कप से पहले चोट के कारण वह करीब आठ महीने तक हॉकी से दूर रही थीं. उनके मुताबिक उनके पिता ने हमेशा उन्हें हार नहीं मानने की सीख दी और मैदान पर उतरते समय यही बात उन्हें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करती है.

कबड्डी में मनीषा ने संभाला लेफ्ट कवर

हिसार के गांव भिवानी रोहिल्ला की मनीषा भी भारतीय कबड्डी टीम का हिस्सा हैं. भारतीय टीम ने अपने अभियान की शुरुआत बांग्लादेश के खिलाफ जीत के साथ की. भारत ने यह मुकाबला 42-21 से अपने नाम किया. इस मैच में मनीषा ने लेफ्ट कवर की भूमिका निभाते हुए डिफेंस संभाला. मनीषा का कबड्डी सफर गांव से शुरू हुआ था.

निकिता नैन भी भारतीय टीम का हिस्सा

हिसार के हसनगढ़ की निकिता नैन को भी भारतीय सीनियर कबड्डी टीम में जगह मिली है. हालांकि बांग्लादेश के खिलाफ शुरुआती मुकाबले में उन्हें प्लेइंग-7 में शामिल नहीं किया गया. उनके कोच संदीप को उम्मीद है कि आगामी मुकाबलों में निकिता को मैदान पर उतरने का मौका मिल सकता है.

निकिता ने महज आठ साल की उम्र में हसनगढ़ के सरकारी स्कूल से कबड्डी की शुरुआत की थी. अंडर-18 स्तर पर वह भारतीय टीम की कप्तानी भी कर चुकी हैं. उनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने गोल्ड मेडल जीता था.