एक नई जिंदगी की शुरुआत खुशियों से भरी होनी चाहिए थी, लेकिन सरगुजा की वर्षा यादव के लिए शादी के कुछ ही महीनों बाद हालात इतने बिगड़ गए कि उसने खुद को खत्म करने का फैसला कर लिया. यह घटना परिवार को झकझोर देने वाली है और अब इससे जुड़े कई सवाल खड़े हो रहे हैं. पिता उमेश यादव का कहना है कि बेटी की पढ़ाई को लेकर ससुराल पक्ष ने कोई पहल नहीं की, जबकि दूसरी तरफ पति का दावा है कि पढ़ाई जारी रखने की इच्छा को लेकर ही घर में मनमुटाव शुरू हुआ था.
मृतका के पति अजय यादव के अनुसार, बीएससी नर्सिंग पूरी कर चुकी वर्षा आगे एमएससी नर्सिंग करना चाहती थी. उसकी इच्छा थी कि विश्रामपुर में किराए का मकान लेकर पढ़ाई जारी रखे. इसी बात को लेकर घर में तनाव की स्थिति बनी हुई थी, जो आखिरकार इस हादसे तक जा पहुंची.
वहीं पिता उमेश यादव का पक्ष इससे अलग है. उनका कहना है कि विवाह तय होने के समय यह साफ बात हुई थी कि वर्षा ससुराल में रहकर पढ़ाई जारी रखेगी. लेकिन बाद में ससुराल पक्ष ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया, जिससे बेटी मानसिक रूप से परेशान रहने लगी थी.
पिता के मुताबिक 17 सितंबर की दोपहर करीब 12 बजे वर्षा ने परिवार को संदेश भेजा कि वह अब जीना नहीं चाहती और उसे शांति से मरने दिया जाए. इसके तुरंत बाद पति अजय ने फोन कर तबीयत बिगड़ने की जानकारी दी और उसे अंबिकापुर के मिशन अस्पताल ले जाया गया.
अस्पताल में वर्षा का इलाज आईसीयू में चल रहा था, लेकिन हालत में सुधार नहीं हो सका और 22 सितंबर को उसकी मौत हो गई. पिता ने आशंका जताई है कि बेटी को जहरीला पदार्थ खिलाया गया हो सकता है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आगे की कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद तय होगी.
नोट: यह एक संवेदनशील विषय है. अगर आप या आपके किसी परिचित को मानसिक तनाव या आत्महत्या जैसे विचार आ रहे हों, तो कृपया किसी विश्वसनीय व्यक्ति या हेल्पलाइन (जैसे iCall: 9152987821, या AASRA: 9820466726) से संपर्क करें.