छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में विस्फोटक को नष्ट करने के दौरान बड़ा हादसा हो गया. यहां CRPF के चार जवान अचानक हुए विस्फोट में घायल हो गए. हादसा गुरुवार शाम एलरमडगु सुरक्षा कैंप के पास हुआ. घायल जवानों को कोंटा के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है.
जानकारी के मुताबिक घायल जवान केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल यानी CRPF की 50वीं बटालियन की एम्युनिशन टेक्निकल टीम का हिस्सा थे. टीम जगदलपुर से कोंटा रेंज के अंतर्गत आने वाले एलरमडगु कैंप पहुंची थी. जवानों को कैंप में निरीक्षण करने के साथ-साथ बचे हुए और इस्तेमाल नहीं किए गए विस्फोटकों को नष्ट करने का काम करना था.
गुरुवार शाम जब जवान एलरमडगु सुरक्षा कैंप के पास एक बचे हुए विस्फोटक को नष्ट कर रहे थे, तभी अचानक ब्लास्ट हो गया. इस हादसे में असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर एमके तिवारी, एएसआई अनीस खान, हेड कांस्टेबल कुलदीप राज और इंस्पेक्टर अमरनाथ मिश्रा घायल हो गए.
हादसे में घायल दोनों एएसआई की हालत गंभीर बताई जा रही है. अधिकारियों के मुताबिक, एमके तिवारी और अनीस खान को बेहतर इलाज के लिए किसी दूसरे मेडिकल सेंटर में शिफ्ट किया जा सकता है. फिलहाल चारों जवानों को कोंटा के सरकारी अस्पताल में उपचार दिया जा रहा है.
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भेजी थाना क्षेत्र के अंतर्गत CRPF कैंप में नियमित प्रक्रिया चल रही थी. इसी दौरान खराब और इस्तेमाल के लायक नहीं बचे ग्रेनेड और गोला-बारूद को नष्ट किया जा रहा था. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इसी दौरान हुए आकस्मिक विस्फोट से निकले छर्रों की वजह से चार जवान घायल हुए.
सुकमा जिला लंबे समय तक छत्तीसगढ़ के सबसे ज्यादा नक्सल प्रभावित इलाकों में शामिल रहा है. हालांकि, सुरक्षा बलों और राज्य पुलिस के लगातार अभियानों के कारण पिछले कुछ समय में यहां की स्थिति में काफी सुधार हुआ है. CRPF और राज्य पुलिस की ओर से नक्सल विरोधी अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं.
सुरक्षा अभियानों के बीच सुकमा में कई नक्सलियों ने आत्मसमर्पण भी किया है. फरवरी में 22 नक्सलियों ने वरिष्ठ पुलिस और CRPF अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण किया था. इन लोगों ने सरकार की 'पूना मारगेम' यानी 'नई सुबह' पुनर्वास योजना के तहत हथियार छोड़ने का फैसला किया था. आत्मसमर्पण करने वालों में एक महिला कैडर भी शामिल थी.
सुकमा के पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने बताया था कि इन नक्सलियों के आत्मसमर्पण में DRG सुकमा, जिला पुलिस बल, रेंज फील्ड टीम जगदलपुर और CRPF ने अहम भूमिका निभाई. आत्मसमर्पण करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को 50 हजार रुपये की सहायता दी गई और उन्हें सरकार की नीति के अनुसार आगे पुनर्वास सहायता देने की बात कही गई.
अधिकारी के अनुसार साल 2025 में पूरे छत्तीसगढ़ में 1,500 से ज्यादा नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था. सुकमा में ताजा हादसा ऐसे समय हुआ है, जब क्षेत्र में सुरक्षा बलों की गतिविधियां और नक्सल विरोधी अभियान लगातार जारी हैं.